,

Badnagar Borewell : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बोरवेल हादसे पर जताया दुख, परिजनों को 4 लाख आर्थिक सहायता देगी सरकार

- Advertisement -
Ad imageAd image
rewrite artical remove plagrisam

Badnagar Borewell : 22 घंटे की जद्दोजहद के बाद मासूम भागीरथ को बोरवेल से निकाला, नहीं बच सकी जान

by: digital desk

Badnagar Borewell : मध्य प्रदेश के Ujjain जिले के बड़नगर क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां बोरवेल में गिरे तीन साल के मासूम भागीरथ को बचाया नहीं जा सका। करीब 22 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद उसकी जान नहीं बच पाई। बच्चा करीब 60 फीट गहराई में फंसा हुआ था।

 बड़नगर बोरवेल से बच्चे को निकाला

इस हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुख जताया, मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिजनों को 4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है..

Badnagar Borewell : कैसे हुआ हादसा

राजस्थान के पाली से मालवा क्षेत्र में भेड़ चराने आए चरवाहे परिवार का यह बच्चा गुरुवार शाम खेलते-खेलते झालरिया गांव में एक खुले बोरवेल के पास पहुंच गया। बताया जा रहा है कि वह उसे बाल्टी समझकर उसमें पैर डालने की कोशिश कर रहा था, तभी संतुलन बिगड़ने से सीधे अंदर गिर गया। उसकी मां ने अपनी आंखों के सामने यह हादसा होते देखा।

बड़नगर रेस्क्यू करता प्रशासन का अमला

Badnagar Borewell : रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी कई टीमें

घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। कलेक्टर और एसपी सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे और National Disaster Response Force (NDRF) समेत विशेषज्ञ टीमों को लगाया गया। बच्चे को निकालने के लिए 6 जेसीबी और पोकलेन मशीनों से समानांतर गड्ढा खोदा गया, लेकिन गहराई में चट्टानें आने से काम में बाधा आई।

Badnagar Borewell : कई प्रयास हुए, लेकिन नहीं मिली सफलता

रेस्क्यू टीम ने बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए पाइप का इस्तेमाल किया। इसके बाद रोप रिंग के जरिए उसे बाहर निकालने की कोशिश की गई, लेकिन यह तरीका भी सफल नहीं हो सका। कैमरे से मिली तस्वीरों में बच्चा दिखाई तो दे रहा था, लेकिन उसमें कोई हरकत नहीं दिख रही थी।

बड़नगर गमगीन परिजन बड़नगर

Badnagar Borewell : उम्मीद टूटी, बेजान निकला मासूम

परिजन और मौके पर मौजूद लोग लगातार उम्मीद लगाए हुए थे कि बच्चा जिंदा होगा, लेकिन जब उसे बाहर निकाला गया तो वह मृत अवस्था में था। इस खबर से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

Badnagar Borewell : परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

भागीरथ अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके साथ आए अन्य चरवाहा परिवार भी इस हादसे से गहरे सदमे में हैं। पूरे दिन किसी ने खाना तक नहीं खाया। यह हादसा एक बार फिर खुले बोरवेल जैसी लापरवाही पर सवाल खड़े करता है और बताता है कि समय रहते सुरक्षा उपाय न होने पर ऐसी घटनाएं कितनी भयावह साबित हो सकती हैं।

Badnagar Borewell : ये हैं सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस

  • पूर्व सूचना : बोरवेल खोदने से 15 दिन पहले पंचायत/ नगरीय निकाय को सूचित करना अनिवार्य
  • सुरक्षा कवर : बोरवेल के चारों ओर फेंसिंग होनी चाहिए
  • जब काम न चल रहा हो मजबूत ढक्कन से ढकना होगा
  • सील करना : उपयोग में न होने वाले बोरवेल को पूरी तरह से भरना होगा
  • साइट की सुरक्षा : बोरवेल के आसपास का क्षेत्र कंक्रीट से पक्का करना होगा
  • चेतावनी बोर्ड : गहराई, मालिक का नाम और पता अंकित करना होगा
  • ड्रिलिंग कंपनी के विवरण के साथ चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य
  • सुरक्षा गार्ड : ड्रिलिंग के दौरान सुरक्षा गार्ड या बाड़ लगाने की व्यवस्था होनी चाहिए
  • जिम्मेदारी : दुर्घटना होती है, तो मालिक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी
  • इन दिशा-निर्देशों का पालन न करने पर जिला प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करने का अधिकार है

Badnagar Borewell : एमपी में भी है कड़ा कानून

  • मध्यप्रदेश सरकार ने बनाया सुरक्षा अधिनियम-2024 कानून
  • एजेंसी, भूमि स्वामी पर दंडात्मक कार्रवाई करने का प्रावधान
  • हादसा होने पर एजेंसी और भूमि स्वामी पर होगी एफआईआर
  • SC के निर्देश का पालन न करने पर 10 से 25 हजार तक का जुर्माना
  • दुर्घटना या मृत्यु पर धारा 100, 105, 106 और 110 के तहत दंड का प्रावधान
  • निष्क्रिय बोर को 3 महीने के अंदर भूमि स्वामी के जरिये बंद करना होगा
  • बोरवेल में कैप नहीं लगाने पर भूमिस्वामी और ड्रिलिंग एजेंसी से जुर्माना वसूल होगा
  • जुर्माने की राशि को शिकायतकर्ता को पुरस्कार में दिया जाएगा
  • हादसे के बाद बचाव का खर्चा ड्रिलिंग एजेंसी या फिर भूमि स्वामी से वसूल होगा
  • .

Badnagar Borewell : इन नियमों का पालन जरूरी

  • खुदाई करने वाली संस्था, ठेकेदार का पंजीयन होना चाहिए
  • खुदाई वाले स्थान पर साइन बोर्ड लगाया जाना चाहिए
  • आसपास कंटीले तारों की फेंसिंग या पक्की बाउंड्री होनी चाहिए
  • केसिंग पाइप के चारों तरफ सीमेंट/कॉन्क्रीट का प्लेटफार्म बनाना होगा
  • प्लेटफार्म ऊंचाई की 0.30 मीटर या उससे अधिक होनी चाहिए
  • केसिंग पाइप के मुंह के पर स्टील की प्लेट वेल्ड करनी होगी
  • केसिंग पाइप का मुंह नट-बोल्ट से अच्छी तरह कसना होगा
  • बोर को अधूरा छोड़ने पर मिट्टी, रेत, बजरी, बोल्डर से भरना होगा
  • साइट को हर हाल में पुरानी स्थिति में बहाल किया जाना चाहिए
- Advertisement -
Ad imageAd image

Vaibhav Suryavanshi ने दलीप ट्रॉफी में रचा इतिहास, 15 साल की उम्र में तोड़ा 57 साल पुराना रिकॉर्ड

Vaibhav Suryavanshi: वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी से बड़ा

रामायण के लक्ष्मण Sunil Lahri ने मुंहबोली बहन से बंधवाई राखी, वीडियो पर तारीफ के साथ उठे सवाल

Sunil Lahri: टीवी के चर्चित धार्मिक धारावाहिक 'रामायण' में लक्ष्मण का किरदार

अमेरिकी हिरासत से Nicolas Maduro की पहली तस्वीरें आईं सामने, ट्रैकसूट में दिखे पूर्व वेनेजुएला राष्ट्रपति

Nicolas Maduro: वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की अमेरिकी हिरासत के

CG: Top 10

CG: छत्तीसगढ़ की टॉप 10 खबरें 1. छत्तीसगढ़ में 24 घंटे भारी

MP: Top 10

MP : मध्य प्रदेश की आज की 10 बड़ी खबरें 1. MP