मध्यप्रदेश सरकार की अंतरजातीय विवाह योजना: कैसे पाएं ₹2 लाख?

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अंतरजातीय विवाह योजनाअंतरजातीय विवाह योजना

🟢 योजना का उद्देश्य क्या है?

मध्यप्रदेश सरकार की यह योजना सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है। इसका उद्देश्य है कि सामान्य वर्ग और अनुसूचित जाति (SC) के युवक-युवतियां यदि आपस में विवाह करें, तो उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। यह कदम जातीय भेदभाव को कम करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।


📅 योजना की शुरुआत

  • प्रारंभ वर्ष: 2007
  • संशोधित संस्करण: समय-समय पर अपडेट की जाती रही है
  • वर्तमान स्थिति: योजना चालू है और लाभार्थी लगातार आवेदन कर सकते हैं

👩‍❤️‍👨 किसे मिलेगा लाभ?

इस योजना का लाभ उन्हें मिलेगा जो:

  • सामान्य वर्ग और अनुसूचित जाति के युवक/युवती आपस में विवाह करते हैं
  • हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत विवाह पंजीकृत कराते हैं
  • विवाह के एक वर्ष के भीतर आवेदन प्रस्तुत करते हैं
  • मध्यप्रदेश के निवासी हैं

💰 कितना मिलेगा प्रोत्साहन?

सरकार की ओर से ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) की एकमुश्त सहायता राशि दी जाती है। यह राशि अंतर्जातीय विवाह करने वाले दंपत्ति को सामाजिक और आर्थिक स्थिरता प्रदान करने के लिए है।


📋 आवेदन की प्रक्रिया

अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो नीचे दी गई स्टेप-बाय-स्टेप गाइड को फॉलो करें:

✅ आवश्यक शर्तें:

  • विवाह हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के अंतर्गत पंजीकृत हो
  • विवाह कलेक्टरेट कार्यालय में रजिस्टर्ड हो
  • आवेदन विवाह की तारीख से एक वर्ष के अंदर प्रस्तुत किया जाए
  • आवेदन के साथ समस्त प्रमाणपत्र और सहपत्र संलग्न हों

📝 आवेदन कैसे करें?

  1. आवेदन तैयार करें – सभी जरूरी दस्तावेज़ इकट्ठा करें (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र आदि)
  2. विभागीय जिला अधिकारी को आवेदन जमा करें
  3. आवेदन प्रक्रिया और योजना की जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाएं:
    👉 SC Development MP Portal

📄 जरूरी दस्तावेज़

  • विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र (हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के अंतर्गत)
  • दंपत्ति दोनों के पहचान पत्र (Aadhaar)
  • जाति प्रमाण पत्र (SC वर्ग के सदस्य के लिए)
  • निवास प्रमाण पत्र
  • पासबुक की फोटोकॉपी (जिसमें राशि ट्रांसफर हो)
  • विवाह की फोटो या प्रमाण

📌 कुछ जरूरी बातें

  • आवेदन केवल विवाह के एक वर्ष के भीतर स्वीकार किए जाते हैं
  • आवेदन जिला स्तर पर स्वीकार किए जाते हैं
  • योजना केवल पहले विवाह पर ही लागू होती है
  • यह राशि सामाजिक सुधार और समरसता के लिए दी जाती है, इसलिए इसका दुरुपयोग कानूनन अपराध है

🎯 योजना से जुड़े लाभ

  • आर्थिक सहायता से नवविवाहित जोड़ों को आत्मनिर्भरता मिलती है
  • सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता है
  • जातीय भेदभाव में कमी लाने का प्रभावी कदम
  • सरकारी मान्यता मिलने से दंपत्ति को सामाजिक स्वीकृति भी आसान होती है

🙋‍♂️ योजना से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: क्या यह योजना सभी धर्मों के लिए है?
उत्तर: यह योजना हिंदू विवाह अधिनियम 1955 के अंतर्गत पंजीकृत विवाह पर लागू होती है।

प्रश्न 2: आवेदन ऑनलाइन कर सकते हैं क्या?
उत्तर: नहीं, आवेदन विभागीय जिला अधिकारी कार्यालय में ऑफलाइन जमा करना होता है।

प्रश्न 3: क्या यह योजना दोबारा विवाह पर लागू होती है?
उत्तर: नहीं, यह केवल पहले विवाह पर लागू होती है।


📞 संपर्क जानकारी

अगर आपको आवेदन या प्रक्रिया से संबंधित किसी भी प्रकार की सहायता चाहिए, तो आप अपने जिला कलेक्टरेट कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर दिशानिर्देश पढ़ सकते हैं।


✅ निष्कर्ष

मध्यप्रदेश की अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना सामाजिक बदलाव की दिशा में एक बेहतरीन पहल है। अगर आप पात्र हैं, तो इस योजना का लाभ जरूर उठाएं। दो लाख रुपये की राशि ना केवल आपके नए जीवन की शुरुआत को सशक्त बनाएगी, बल्कि समाज में एक सकारात्मक उदाहरण भी स्थापित करेगी।

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