BY: Yoganand Shrivastva
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ हालिया बड़ी सफलता के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 13 दिसंबर को राज्य के दौरे पर रहेंगे। वे जगदलपुर में आयोजित बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर अमित शाह न केवल खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेंगे, बल्कि नक्सल विरोधी अभियानों में शामिल रही सुरक्षाबलों की टीमों से संवाद भी कर सकते हैं। माना जा रहा है कि वे सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक कर जमीनी हालात और आगे की रणनीति पर भी चर्चा करेंगे।
बस्तर ओलंपिक का समापन समारोह 13 दिसंबर को जगदलपुर में आयोजित किया जाएगा, जिसमें जिला स्तर की प्रतियोगिताओं के करीब तीन हजार विजेता खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इस आयोजन में लगभग 500 नक्सल पीड़ित और आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सली भी प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी भागीदारी निभाएंगे। यह आयोजन खेल के जरिए मुख्यधारा से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
इसी बीच एंटी नक्सल अभियान को एक बड़ी सफलता तब मिली, जब माओवादियों की सेंट्रल कमेटी का सदस्य और कुख्यात कमांडर रामदेर मज्जी ने आत्मसमर्पण कर दिया। रामदेर पिछले करीब 30 वर्षों से जंगलों में सक्रिय था और कई खूंखार नक्सलियों को प्रशिक्षित कर चुका था। उसने श्रीलंका में एलटीटीई से गुरिल्ला युद्ध और आईईडी विस्फोटक बनाने की ट्रेनिंग ली थी, जिसका इस्तेमाल उसने भारतीय सुरक्षाबलों के खिलाफ नक्सल गतिविधियों में किया। उसके सरेंडर को सुरक्षाबलों की बड़ी रणनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर अमित शाह का यह दौरा छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियानों के लिए मनोबल बढ़ाने वाला और आगे की नीति तय करने में अहम माना जा रहा है।





