Report: Kareem khan
Agra news: रविवार को ताजमहल में उमड़ी भारी भीड़ के बीच एक पल ऐसा भी आया, जिसने कुछ मिनटों के लिए खुशियों को डर में बदल दिया।मध्य प्रदेश के मवई से ताजमहल का दीदार करने आए अविनाश शर्मा अपनी पत्नी और 7 साल के बेटे के साथ पश्चिमी निकास द्वार से बाहर निकल रहे थे। भीड़ के दबाव में अचानक मासूम अथर्व माता-पिता से बिछड़ गया। घबराए माता-पिता बच्चे को तलाशते हुए पश्चिमी पार्किंग की ओर निकल गए जबकि अथर्व पश्चिमी प्रवेश द्वार के पास माता-पिता को खोजता हुआ फूट-फूटकर रोने लगा।रोते हुए बच्चे पर ताजमहल के गेट पर तैनात ताज सुरक्षा पुलिस की क्विक रिस्पॉन्स टीम की नजर पड़ी। जवानों ने तुरंत बच्चे को संभाला प्यार से बात की और उसके बिछड़ने की पूरी जानकारी ली।आनन फानन में थाना ताज सुरक्षा की क्विक रिस्पॉन्स टीम हरकत में आ गई। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तत्काल सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, रेडियो अनाउंसमेंट कराया गया, आरटी सेट के माध्यम से संदेश प्रसारित हुए और जवानों को अलग-अलग प्वाइंट्स पर सक्रिय किया गया।तभी ताज सुरक्षा पुलिस की सूझबूझ, तेज कार्रवाई और टीमवर्क का नतीजा यह रहा कि महज 30 मिनट के अंदर अथर्व के माता पिता को खोजकर बच्चे को सुरक्षित उनसे मिला दिया गया। जैसे ही मां ने अपने रोते बेटे को देखा उसकी आंखों से आंसू छलक पड़े और उसने अथर्व को सीने से लगाकर कसकर पकड़ लिया। कुछ ही पलों में डर, बेचैनी और घबराहट की जगह राहत और मुस्कान ने ले ली।भावुक माता-पिता ने ताज सुरक्षा पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि अनजान शहर और भारी भीड़ में पुलिस की तत्परता उनके लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं रही।ताज सुरक्षा पुलिस की यह मानवीय पहल एक बार फिर साबित करती है कि सुरक्षा के साथ-साथ संवेदनशीलता भी पुलिस की पहचान है।इस सराहनीय कार्य में उप निरीक्षक पंकज सिंह पटेल, उप निरीक्षक शिवराज सिंह रॉबिन सिंह, महिला उप निरीक्षक आशना, आरक्षी आशु, सोनू, व महिला आरक्षी सुलेखा शामिल रहीं।





