अदानी समूह की अमेरिकी निवेश योजना
अदानी समूह, जो गौतम अदानी के नेतृत्व में एक प्रमुख बुनियादी ढांचा कंपनी है, ने संयुक्त राज्य अमेरिका में अपनी निवेश योजनाओं को फिर से सक्रिय करने का फैसला किया है। समूह ने शुरू में डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति चुनाव के बाद अमेरिका में 10 अरब डॉलर के निवेश और 15,000 नौकरियों के सृजन का वादा किया था। हालांकि, ये योजनाएँ तब ठंडे बस्ते में चली गईं थीं, जब अदानी और सात अन्य लोगों पर अमेरिकी अधिकारियों ने 265 मिलियन डॉलर के भारतीय सौर ऊर्जा रिश्वत मामले में आरोप लगाए थे। अब, ट्रम्प प्रशासन के हालिया नीति बदलाव के बाद स्थिति में बदलाव आया है।

ट्रम्प के फैसले का असर
फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प ने हाल ही में विदेशी भ्रष्टाचार प्रथाओं अधिनियम (Foreign Corrupt Practices Act) के प्रवर्तन को रोकने का आदेश दिया है। इससे अदानी समूह को लगता है कि उनके खिलाफ चल रहा मामला कमजोर पड़ सकता है। एक सूत्र ने बताया, “ट्रम्प के सत्ता में आने के बाद हमने अपनी कुछ योजनाओं को फिर से शुरू किया है।” हालांकि, जांच की अनिश्चित स्थिति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है।
संभावित परियोजनाएँ
अदानी समूह अमेरिका में परमाणु ऊर्जा, उपयोगिता सेवाओं और पूर्वी तट पर एक बंदरगाह जैसी बड़ी परियोजनाओं पर विचार कर रहा है। इससे पहले, समूह ने टेक्सास में पेट्रोकेमिकल निवेश और अमेरिकी कंपनियों के साथ साझेदारी की संभावनाओं पर भी चर्चा की थी। एक अन्य सूत्र ने कहा, “हमें पता है कि हम क्या करना चाहते हैं, लेकिन हम इस मामले के हल होने का इंतजार करेंगे।”
पहले की चुनौतियाँ
अमेरिकी अधिकारियों द्वारा लगाए गए रिश्वतखोरी के आरोपों ने अदानी समूह की योजनाओं पर ब्रेक लगा दिया था। लेकिन अब बदले हुए राजनीतिक माहौल में समूह को उम्मीद है कि वह अपनी रुकी हुई परियोजनाओं को आगे बढ़ा सकता है।




