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गुरुग्राम से गिरफ्तार हुई राजस्थान की ‘लुटेरी दुल्हन’: सालभर ठिकाने बदलकर पुलिस को देती रही चकमा, तीन राज्यों में कुंवारों को बनाती थी निशाना

BY: Yoganand Shrivastva

हरियाणा: पुलिस ने गुरुग्राम के सरस्वती इन्क्लेव से एक कुख्यात लुटेरी दुल्हन काजल को गिरफ्तार किया है। राजस्थान के सीकर जिले की पुलिस पिछले एक साल से उसकी तलाश में थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने बदलती रही—कभी जयपुर, कभी मथुरा और आखिर में गुरुग्राम।

शादी के नाम पर ठगी का नेटवर्क

काजल अपने परिवार के साथ मिलकर शादी के नाम पर ठगी का काम करती थी। परिवार के सदस्य—पिता भगत सिंह, मां सरोज देवी, बहन तमन्ना और भाई सूरज—पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। यह पूरा परिवार मूल रूप से मथुरा जिले के गोवर्धन का रहने वाला है।

राजस्थान के जयपुर और सीकर समेत कई जिलों में इस परिवार पर फर्जी शादी कर रुपये हड़पने के कई मामले दर्ज हैं।

कैसे किया ठगी का खेल शुरू

26 नवंबर 2024 को सीकर जिले के दांतारामगढ़ थाने में ताराचंद जाट ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि जयपुर में भगत सिंह नामक व्यक्ति से उनकी मुलाकात हुई थी, जिसने अपने बेटियों काजल और तमन्ना के साथ उनके दो बेटों, भंवरलाल और शंकरलाल के विवाह का प्रस्ताव दिया।

शादी की तैयारियों के नाम पर ताराचंद से 11 लाख रुपये वसूले गए। 21 मई 2024 को जयपुर के पास खाचरियावास स्थित गोविंद अस्पताल के गेस्ट हाउस में दोनों शादियां धूमधाम से कराई गईं। परिवार दो दिन तक वहीं रहा और फिर तीसरे दिन गहने, कपड़े और नकदी लेकर फरार हो गया।

पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी की कहानी

शिकायत के बाद दांतारामगढ़ थानाधिकारी जय सिंह बसेरा और एएसआई पूरणमल ने जांच शुरू की।

  • 18 दिसंबर 2024 को पुलिस ने भगत सिंह और उनकी पत्नी सरोज को मथुरा से दबोच लिया।
  • इसके बाद तमन्ना और सूरज भी पकड़े गए।
  • लेकिन काजल लगातार फरार रही।

वह बार-बार शहर बदलती रही ताकि पुलिस उसे पकड़ न सके। अंततः मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल की मदद से सीकर पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई कर गली नंबर 2, सरस्वती इन्क्लेव से उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे

जांच में सामने आया कि यह पूरा गिरोह कुंवारे और संपन्न युवकों को निशाना बनाता था। ऐसे परिवारों की तलाश की जाती जहां शादी की जल्दी हो और पैसे की कमी न हो।
काजल और तमन्ना को शादी की रस्मों में भेजा जाता ताकि विश्वास बनाया जा सके। शादी के दो-तीन दिन बाद पूरा परिवार दुल्हनों के साथ सामान समेटकर भाग जाता था।

तीन राज्यों में फैला नेटवर्क

यह ठग गिरोह राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में सक्रिय था। पुलिस को शक है कि अब तक दर्ज मामलों से कहीं अधिक लोग इनके शिकार बने हैं। काजल से पूछताछ के बाद और मामलों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है।

पूछताछ के दौरान भी काजल शांत और मुस्कराती नजर आई — मानो उसे गिरफ्तारी का कोई डर ही न हो। पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों और संभावित सहयोगियों की तलाश में जुटी है।

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