BY: MOHIT JAIN
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। पाकिस्तान ने 9 अक्टूबर को काबुल, खोस्त, जलालाबाद और पक्तिका में टीटीपी चीफ नूर वली मेहसूद को निशाना बनाकर एयर स्ट्राइक की थी। इसके जवाब में अफगानी सेना ने शनिवार देर रात नंगरहर और कुनार प्रांतों में डुरंड लाइन के पास पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर हमला किया। इन हमलों में कई पाक सैनिक मारे गए और अफगानी सेना ने बॉर्डर पर कई चौकियों पर कब्जे का दावा भी किया।

अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह कार्रवाई पाकिस्तान की तरफ से की गई बमबारी के प्रतिशोध में की गई। तालिबान की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पाकिस्तान के हवाई हमलों के जवाब में अफगान सेना ने विभिन्न सीमा क्षेत्रों में पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाया। हालांकि पाकिस्तान सरकार की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
इस झड़प का समय भारत दौरे पर तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी के साथ मेल खाता है, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ गया। शुक्रवार को भारत और अफगानिस्तान ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को साझा खतरा बताया और कड़ा रुख अपनाया।
अफगान रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान पर हवाई सीमा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। कहा गया कि पाकिस्तानी विमानों ने ड्यूरंड लाइन के पास पकतीका प्रांत के मरघी क्षेत्र में एक मार्केट पर बमबारी की, जिसे अफगानिस्तान ने अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
साथ ही, पाकिस्तान ने अफगान राजदूत को तलब कर भारत-अफगानिस्तान संयुक्त बयान पर आपत्ति जताई। विदेश कार्यालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन है।





