REPORTER: RUPESH KUMAR DAS, EDIT BY: MOHIT JAIN
हजारीबाग के चर्चित खासमहल जमीन घोटाले में भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (ACB) ने विजय प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया। यह इस प्रकरण में अब तक की तीसरी गिरफ्तारी है।
इससे पहले एसीबी ने निलंबित आईएएस विनय चौबे और तत्कालीन खासमहल पदाधिकारी विनोद चंद्र झा को हिरासत में लिया था। विनय चौबे पहले ही शराब घोटाले के मामले में जेल में बंद हैं। तीनों पर सरकारी जमीन के अवैध हस्तांतरण में मिलीभगत का गंभीर आरोप है।

जांच में सामने आए चौंकाने वाले तथ्य
- खासमहल की जमीन लगभग 2.75 एकड़ है, जो 1948 में एक ट्रस्ट को 30 साल के लिए लीज पर दी गई थी।
- लीज 1978 में बढ़ाकर 2008 तक की गई थी, लेकिन 2008-2010 के बीच संगठित साजिश के तहत जमीन को सरकारी घोषित कर 23 निजी लोगों को आवंटित किया गया।
- तत्कालीन पदाधिकारी विनोद चंद्र झा ने दस्तावेज़ों में ‘ट्रस्ट सेवायत’ शब्द हटा दिया, ताकि जमीन को सरकारी संपत्ति के रूप में दिखाया जा सके।
- नियमों के अनुसार ट्रस्ट की जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता था, लेकिन इस प्रकरण में नियमों की पूरी अनदेखी हुई।
जमीन पर अब बहुमंजिले व्यावसायिक भवन
जांच में यह भी सामने आया कि घोटाले वाली जमीन पर आज बहुमंजिले व्यावसायिक भवन खड़े हैं, जो इस अवैध ट्रांसफर की गवाही दे रहे हैं।
आगे और गिरफ्तारी की संभावना
एसीबी सूत्रों के अनुसार, इस घोटाले में और कई प्रभावशाली नामों की भूमिका सामने आ सकती है। एजेंसी दस्तावेज़ों और वित्तीय लेन-देन की गहराई से पड़ताल कर रही है।





