BY: MOHIT JAIN
फास्टैग नियम में बड़ा बदलाव
राष्ट्रीय राजमार्गों पर फास्टैग न होने पर अब दोगुना टोल शुल्क भरने का नियम बदलने जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने घोषणा की है कि 15 नवंबर 2025 से अगर कोई वाहन चालक फास्टैग न होने या सक्रिय न होने पर यूपीआई के माध्यम से टोल शुल्क भरेगा, तो उसे केवल 1.25 गुना शुल्क देना होगा। यह कदम टोल बूथों पर नकद भुगतान में होने वाले फर्जीवाड़े और चोरी-छिपे वसूली को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
फास्टैग पहुंच और औसत प्रतीक्षा समय

मंत्रालय के अनुसार, 2022 तक फास्टैग की पहुंच लगभग 98 प्रतिशत तक हो चुकी थी। इससे टोल बूथों पर औसत प्रतीक्षा समय 47 सेकंड तक कम हो गया था।
बदलाव का असर
उदाहरण के लिए यदि किसी वाहन का टोल 100 रुपए है और उसके पास फास्टैग नहीं है, तो पहले उसे 200 रुपए नकद देना पड़ता था। नई व्यवस्था में वह यदि यूपीआई से भुगतान करता है, तो उसे केवल 125 रुपए ही देने होंगे।
फायदे
इस बदलाव से नकद लेनदेन में कमी आएगी और टोल बूथों पर चोरी-छिपे वसूली पर लगाम लगेगा। पूर्व मंत्री नितिन गडकरी ने पहले कहा था कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूली में गड़बड़ियां होती हैं और हर साल करीब 10,000 करोड़ रुपए की चोरी होती है।





