मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की अहम बैठक हुई। इस बैठक में प्रदेश की परिवहन, ऊर्जा और स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देने वाले कई बड़े निर्णय लिए गए। इनमें हैलीकॉप्टर सेवा संचालन, ताप विद्युत गृहों की पुनरीक्षित लागत स्वीकृति और मेडिकल कॉलेजों में नए पदों का सृजन प्रमुख रहे।
प्रदेश में शुरू होगी हैलीकॉप्टर सेवा

सरकार ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर प्रदेश में हैलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की मंजूरी दी है। इस सेवा का उद्देश्य प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों और पर्यटन केंद्रों को आपस में जोड़ना है।
हैलीकॉप्टर संचालन तीन सेक्टरों में होगा:
- सेक्टर-1: इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, भोपाल और जबलपुर समेत पश्चिमी और मालवा क्षेत्र के प्रमुख शहर व स्थल।
- सेक्टर-2: भोपाल, पचमढ़ी, सांची, ग्वालियर, शिवपुरी, ओरछा सहित मध्य भारत और बुंदेलखंड क्षेत्र।
- सेक्टर-3: जबलपुर, कान्हा, बांधवगढ़, खजुराहो, रीवा, अमरकंटक और इंदौर तक का विस्तृत नेटवर्क।
इस सुविधा से व्यवसायियों, पर्यटकों और आम नागरिकों को किफायती एवं तेज यात्रा का लाभ मिलेगा। साथ ही प्रदेश में पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और नए रोजगार भी सृजित होंगे।
ताप विद्युत गृहों की पुनरीक्षित लागत को मंजूरी
बैठक में ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े दो बड़े प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिली।
सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी
- क्षमता: 660 मेगावाट
- पुनरीक्षित लागत: ₹11,678.74 करोड़
- वित्त पोषण: 20% अंशपूँजी और 80% ऋण
- राज्यांश: ₹684.53 करोड़ (किस्तों में 2030-31 तक आवंटित)
अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई
- क्षमता: 660 मेगावाट
- पुनरीक्षित लागत: ₹11,476.31 करोड़
- वित्त पोषण: 20% अंशपूँजी और 80% ऋण
- राज्यांश: ₹699.90 करोड़ (किस्तों में 2030-31 तक आवंटित)
इन दोनों परियोजनाओं से राज्य की बिजली आपूर्ति क्षमता मजबूत होगी और भविष्य की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।
मेडिकल कॉलेजों में 354 नए पद

मंत्रि-परिषद ने 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी।
ये पद नॉन-क्लीनिकल और पैरा-क्लीनिकल संकायों में भरे जाएंगे, ताकि राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के मानकों के अनुरूप शिक्षा और प्रशिक्षण सुनिश्चित हो सके।
यह निर्णय भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, विदिशा, रतलाम, खंडवा, शहडोल, शिवपुरी, दतिया और छिंदवाड़ा स्थित मेडिकल कॉलेजों पर लागू होगा। इससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी और प्रदेश को प्रशिक्षित चिकित्सा शिक्षक मिल सकेंगे
मंत्रि-परिषद की इस बैठक से साफ है कि सरकार प्रदेश में आवागमन, ऊर्जा और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। हैलीकॉप्टर सेवा से पर्यटन को नई उड़ान मिलेगी, बिजली परियोजनाओं से ऊर्जा आपूर्ति स्थिर होगी और मेडिकल कॉलेजों में नए पदों से स्वास्थ्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।





