रिपोर्टर: देवेंद्र जैसवाल
इंदौर: दशहरे पर जहाँ परंपरागत रूप से रावण दहन किया जाता है, वहीं इस बार इंदौर में अनोखी पहल होने जा रही है। यहाँ रावण के साथ उसकी बहन शूर्पणखा और उसकी सेना का भी दहन किया जाएगा। आयोजन से पहले 2 अक्टूबर को इन पुतलों का जुलूस ढोल-नगाड़ों के साथ पूरे शहर में निकाला जाएगा और इसके बाद दम्हा लक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड में दहन किया जाएगा। इस मौके के लिए एक विशेष एंथम भी तैयार किया गया है।
महिला अपराधियों के पोस्टर भी लगाए जाएंगे
आयोजकों के मुताबिक, शूर्पणखा की सेना के पुतलों में उन महिलाओं के पोस्टर लगाए जाएंगे, जो हाल ही में चर्चित अपराधों में शामिल रही हैं। इनमें सबसे चर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड की आरोपी उनकी पत्नी सोनम का पोस्टर भी होगा। इसके अलावा उन महिलाओं की तस्वीरें भी होंगी, जिन पर अपने पतियों की हत्या या उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगे हैं।
कार्यक्रम में पीड़ित परिवारों को भी आमंत्रित किया गया है। खासकर रघुवंशी समाज और राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़े लोग इस आयोजन में शामिल होंगे।
आयोजन की जिम्मेदारी ‘पौरुष’ संस्था के पास
यह पूरा कार्यक्रम ‘पौरुष’ संस्था द्वारा किया जा रहा है, जो पुरुषों के अधिकार और उनके हितों को लेकर काम करती है। संस्था के अध्यक्ष अशोक दशोरा का कहना है कि प्राचीन काल से लेकर आज तक महिलाओं के अपराधों का खामियाजा पुरुषों को भुगतना पड़ा है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा –
- त्रेता युग: शूर्पणखा के अनैतिक प्रस्ताव के कारण लक्ष्मण ने उसकी नाक काटी, और इसके परिणामस्वरूप राम-रावण युद्ध हुआ, जिसमें लाखों निर्दोष लोग मारे गए।
- द्वापर युग: द्रौपदी ने दुर्योधन को अपमानित किया, जिससे महाभारत युद्ध छिड़ा और असंख्य पुरुषों की जान गई।
दशोरा का आरोप है कि वर्तमान समय में महिला कानून भी पुरुषों के खिलाफ पक्षपाती हो गए हैं। कई शिक्षित महिलाएं झूठे मुकदमों में अपने पतियों और ससुराल वालों को फंसा देती हैं, जिससे पुरुष मानसिक दबाव में आकर आत्महत्या तक करने को मजबूर हो जाते हैं।
पहले भी लगाए जा चुके हैं पोस्टर
यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का विरोध दर्ज किया गया हो। गणेशोत्सव के दौरान भी इंदौर के एक पंडाल में हाल ही की चर्चित घटनाओं के पोस्टर लगाए गए थे। इनमें राजा रघुवंशी हत्याकांड का पोस्टर सबसे चर्चित रहा, जिसमें राजा और सोनम की तस्वीर के साथ लिखा गया था – “इंदौर का नाम बदनाम”।
इसके अलावा, उस पोस्टर पर भारतीय नारियों और माता-पिता के लिए संदेश भी लिखे गए थे:
- “जिंदगी में सबकुछ करना, लेकिन किसी मां के बेटे की जिंदगी बर्बाद मत करना।”
- “बहुत बचा लिया बेटियों को, अब बेटों को बचा लो।”





