BY: Yoganand Shrivastava
11 और 12 सितंबर को बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग के आरोपियों में से दो बदमाशों — हरियाणा निवासी अरुण और रविंद्र — को यूपी एसटीएफ ने गाजियाबाद में मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया। दोनों शूटर कुख्यात अपराधियों रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ के गैंग से जुड़े थे और उन पर एक-एक लाख का इनाम घोषित था।
इसके बाद गैंग लीडर रोहित गोदारा ने फेसबुक पर पोस्ट कर पुलिस को चुनौती दी। उसने लिखा कि मारे गए बदमाश “ढेर नहीं, बल्कि शहीद हुए हैं” और इस एनकाउंटर का बदला लिया जाएगा। उसने चेतावनी दी कि इसके पीछे जो भी लोग शामिल हैं, चाहे कितने ही ताकतवर क्यों न हों, उन्हें माफी नहीं मिलेगी।
कैसे हुआ एनकाउंटर
बुधवार शाम गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी इलाके में पुलिस चेकिंग के दौरान बाइक पर सवार दो संदिग्ध दिखाई दिए। चेकिंग होते देख वे भागने लगे और पीछा करने पर फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ में चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। लगभग 25-30 राउंड गोलीबारी के बाद दोनों शूटर घायल हो गए और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
मौके से ग्लॉक और जिगाना पिस्टल, कारतूस और एक सफेद अपाचे बाइक बरामद की गई। यही बाइक बरेली में फायरिंग के दौरान इस्तेमाल की गई थी।
दिशा पाटनी के पिता का बयान
एनकाउंटर के बाद अभिनेत्री के पिता और रिटायर्ड डीएसपी जगदीश पाटनी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात कर आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन उनके परिवार के साथ खड़ा है और जल्द ही बाकी अपराधियों को भी सजा मिलेगी।
शूटर्स की लोकेशन और जांच
फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने बरेली शहर के 1300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी कड़ी में खुलासा हुआ कि आरोपी रविंद्र प्रीत पैलेस होटल में रुका था, जबकि अरुण हिंद गेस्ट हाउस में ठहरा हुआ था। दोनों जगहें दिशा पाटनी के घर से मात्र 2 किलोमीटर की दूरी पर थीं।
रोहित गोदारा कौन है?
रोहित गोदारा मूल रूप से राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला है। वह करीब 19 साल की उम्र से अपराध की दुनिया में सक्रिय है। शुरुआती दिनों में वह मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था, लेकिन धीरे-धीरे माफिया गिरोहों से जुड़कर बड़ा अपराधी बन गया।
- राजस्थान पुलिस ने उस पर 1 लाख रुपये का इनाम रखा है।
- एनआईए ने 5 लाख का इनाम घोषित किया है।
- उसके खिलाफ 32 मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या और रंगदारी शामिल हैं।
- साल 2022 में वह फर्जी पासपोर्ट बनवाकर दुबई भाग गया और वर्तमान में वहीं से गैंग को ऑपरेट कर रहा है।
विवाद की जड़
दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी, जो पूर्व आर्मी अफसर हैं, ने कुछ समय पहले कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के आपत्तिजनक बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर तीखे शब्दों में विरोध दर्ज कराया था। इसी के बाद से पाटनी परिवार को लगातार धमकियां मिलने लगीं और हमला करवाने की जिम्मेदारी रोहित गोदारा गैंग ने ली।
FIR और हमले का विवरण
दिशा पाटनी के पिता ने पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि बदमाश दो बार उनके घर पर आए। पहली बार 11 सितंबर को सुबह 4:30 बजे फायरिंग हुई। अगली सुबह 3:30 बजे जब वे बालकनी में आए, तो बाइक सवार बदमाशों ने उन पर गोली चला दी। उन्होंने पिलर के पीछे लेटकर अपनी जान बचाई।
पुलिस की रणनीति और आगे की कार्रवाई
यूपी एसटीएफ, दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस की संयुक्त टीम फरार आरोपियों नकुल और विजय की तलाश कर रही है। पुलिस ने सोशल मीडिया अकाउंट्स और संदिग्ध फेसबुक पेजों को ट्रेस करने के लिए कैलिफोर्निया स्थित फेसबुक हेडक्वार्टर से जानकारी भी मांगी है।






