रिपोर्ट- अविनाश चंद्र
कुंवारपुर में ट्रक समेत लाखों की नीलगिरी जब्त
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (छत्तीसगढ़)। वन विभाग की सतर्क कार्रवाई में गुरुवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। जनकपुर क्षेत्र में सक्रिय लकड़ी तस्करों पर शिकंजा कसते हुए विभागीय टीम ने गश्ती के दौरान नीलगिरी से भरे ट्रक को जब्त किया। जब्त लकड़ी की कीमत लगभग तीन लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई परिक्षेत्र अधिकारी कुंवारपुर भूपेंद्र कुमार यादव के नेतृत्व में हुई।
फर्जी अनुज्ञा पत्र के सहारे की जा रही थी तस्करी
वन विभाग की टीम ने चांटी वन बैरियर पर वाहन क्रमांक एमपी20 जीए 2927 को रोका। तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में नीलगिरी की लकड़ी पाई गई। वाहन चालक ने ग्राम पंचायत मट्टा, जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सरपंच द्वारा जारी एक परिवहन अनुज्ञा पत्र प्रस्तुत किया। इसमें उल्लेख था कि लकड़ी ग्राम नगरी के एक निजी पट्टे की भूमि से काटी गई है और इसे सीधी (मध्यप्रदेश) भेजा जा रहा है।
जांच में पाया गया कि प्रस्तुत दस्तावेज में न तो वन विभाग का सत्यापन था और न ही यह वैध परिवहन अनुज्ञप्ति थी। इस कारण यह पूरा परिवहन छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम 2001 का उल्लंघन पाया गया।
संगठित गिरोह पर संदेह
जांच से यह भी सामने आया कि जब्त लकड़ी का खरीदार मध्यप्रदेश के सीधी जिले के ग्राम सनोहरी निवासी अनिल कुमार द्विवेदी है। विभागीय सूत्रों का मानना है कि यह एक संगठित गिरोह का हिस्सा है, जो फर्जी कागजात के सहारे राज्य से बाहर लकड़ी भेजने का काम करता है।
वन विभाग ने पूरे मामले पर पीओआर क्रमांक 15820/23 दर्ज कर ट्रक और लकड़ी को कब्जे में लेकर जनकपुर वन विश्राम गृह में खड़ा कराया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि अन्य शामिल लोगों की भी पहचान की जा सके।
लगातार शिकायतों के बाद हुई सख्ती
परिक्षेत्र अधिकारी यादव ने बताया कि इलाके में अवैध लकड़ी परिवहन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी कारण गश्ती को मजबूत किया गया था और इसी का नतीजा यह बड़ी कार्रवाई रही।
वन मंडल अधिकारी की सख्त चेतावनी
वन मंडल अधिकारी ने कहा कि वनों की अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी पर रोक लगाने के लिए विभाग कड़े कदम उठा रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
ग्रामीणों से अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि वे कहीं अवैध कटाई या लकड़ी परिवहन जैसी गतिविधियां देखें, तो तुरंत विभाग को सूचित करें।
इलाके में फैला हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय क्षेत्र में लकड़ी तस्करों और खरीदारों में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि इस तरह की सख्त कार्रवाई लगातार होती रही तो जंगलों की अवैध कटाई और तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।





