BY: Yoganand Shrivastava
नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को अंडमान और निकोबार के पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता कुलदीप राय शर्मा को सहकारी बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया। साथ ही बैंक के प्रबंध निदेशक के. मुरुगन और ऋण अधिकारी के. कलैवानन को भी हिरासत में लिया गया। यह मामला केंद्र शासित प्रदेश में धनशोधन निरोधक कानून (PMLA) के तहत सामने आया पहला बड़ा मामला है।
57 वर्षीय कुलदीप राय शर्मा अंडमान और निकोबार राज्य सहकारी बैंक (ANSCB) के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, PMLA कोर्ट ने आरोपियों को तीन से आठ दिन की ईडी हिरासत में भेजा है। यह कार्रवाई बैंक में कथित धोखाधड़ी की जांच के तहत की गई।
मामले का संक्षिप्त विवरण:
जांच में सामने आया कि कुलदीप राय शर्मा और अन्य बैंक अधिकारी बैंक नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए कई फर्जी कंपनियों के माध्यम से बड़े ऋण मंजूर कर रहे थे। इन ऋणों का उद्देश्य केवल खुद को लाभ पहुँचाना और बैंक को नुकसान पहुँचाना था। आरोप है कि उन्होंने सहयोगियों के साथ मिलकर ऐसी योजनाएँ बनाई, जिनके तहत ऋण राशि वापस नहीं की गई, जिससे बैंक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।





