रिपोर्टर: देवराज डेहरिया
सिवनी जिला अस्पताल फिर से विवादों में घिर गया है। गरीब मरीजों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर और नर्सें केवल मरीजों के रूप-रंग देखकर इलाज करती हैं। इस भेदभाव और लापरवाही के कारण आम मरीज अस्पताल से निराश होकर लौट रहे हैं।
गरीब मरीजों की व्यथा
गोपालगंज के एक गरीब व्यक्ति अपने तेज बुखार से पीड़ित बच्चे को लेकर दो दिन से अस्पताल में भर्ती हैं। परंतु उनके अनुसार, बार-बार मिन्नत करने के बावजूद न तो डॉक्टर ने उन्हें देखा और न ही नर्स ने कोई दवा दी। उल्टा, मरीजों को डांट-फटकार कर भगा दिया गया।
पीड़ित परिजन: “हमारा बच्चा बीमार है, फिर भी डॉक्टर ने देखा नहीं। नर्सों ने दवा तक नहीं दी। हम असहाय महसूस कर रहे हैं।”
अस्पताल का खराब हाल
मरीजों का कहना है कि अस्पताल की साफ-सफाई का भी कोई प्रबंध नहीं है। गंदगी और अव्यवस्था के बीच, मरीज और उनके परिजन खुद को लाचार महसूस कर रहे हैं।
- समय पर इलाज नहीं मिलना
- डॉक्टर और नर्सों का मनमाना रवैया
- अस्पताल में बदहाली और गंदगी
प्रशासन की अनदेखी
हमारी टीम ने अस्पताल प्रबंधन से इस मामले में प्रतिक्रिया मांगी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी जबाब देने से बचते नजर आए।
सवाल खड़े होते हैं
सरकारी अस्पताल गरीबों के लिए सहारा होते हैं, लेकिन जब यहां भी भेदभाव और उपेक्षा हो, तो आमजन का भरोसा टूटता है। सवाल उठता है कि क्या अधिकारी इस लापरवाही और बदइंतजामी पर कभी संज्ञान लेंगे?





