चीन के तियानजिन में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच गजब का तालमेल देखने को मिला। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से मिलकर एक-दूसरे को गले लगाया और साथ-साथ कार में यात्रा की।
इस मुलाकात ने न केवल भारत-रूस संबंधों की मजबूती को दर्शाया, बल्कि अमेरिका की नजरों में भी हलचल पैदा कर दी है।
कार में साथ की यात्रा
मोदी और पुतिन की यह कार यात्रा सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। दोनों नेता पिछली सीट पर बैठकर बातचीत करते नजर आए।
- पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकातें कुल आठ बार हुईं।
- प्रत्येक मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी और खुलापन नजर आया।
- यह स्थिति अमेरिका के लिए एक संकेत है कि भारत और रूस के रिश्ते मजबूत हैं।
तीन नेताओं की विशेष बैठक
इस अवसर पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल हुए। तीनों नेताओं ने लगभग 2 मिनट तक एक-दूसरे से बातचीत की। इस दौरान उनकी खुशमिजाज बातें और सकारात्मक संवाद देखा गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया:
“राष्ट्रपति पुतिन से मिलकर हमेशा खुशी होती है। बैठक के बाद हम द्विपक्षीय वार्ता स्थल तक साथ गए। उनके साथ बातचीत हमेशा ज्ञानवर्धक होती है।”
After the proceedings at the SCO Summit venue, President Putin and I travelled together to the venue of our bilateral meeting. Conversations with him are always insightful. pic.twitter.com/oYZVGDLxtc
— Narendra Modi (@narendramodi) September 1, 2025
अमेरिका के टैरिफ के बीच बढ़ी भारत-रूस साझेदारी
इस मुलाकात का महत्व तब और बढ़ जाता है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% आयात टैरिफ लगाया है।
- इनमें आधे टैरिफ रूस के साथ व्यापार पर दंड के रूप में लागू किए गए हैं।
- ट्रंप और उनके अधिकारी भारत के रूसी तेल खरीदने के कदम पर नजर बनाए हुए हैं।
- यह SCO शिखर सम्मेलन भारत-रूस व्यापार और राजनीतिक संबंधों को मजबूत करने का अवसर बन गया।
मोदी और पुतिन की मित्रता सिर्फ शिष्टाचार नहीं बल्कि रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है। कार में साथ बैठना और गले मिलने की ये तस्वीरें पूरी दुनिया को यह संदेश देती हैं कि भारत-रूस संबंध किसी बाहरी दबाव से प्रभावित नहीं होंगे।





