Indore Lokayukta Police Raid मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाहियों में से एक को अंजाम दिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक (डिप्टी डायरेक्टर) लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर लोकायुक्त की टीमों ने तड़के एक साथ दबिश दी। शुरुआती जांच में ही अधिकारी की काली कमाई के आलीशान साम्राज्य का पर्दाफाश हुआ है। 30 साल की सरकारी नौकरी में जहां अधिकारी को कुल 2.5 करोड़ रुपये वेतन मिला, वहीं उनके पास से करीब 9.5 करोड़ रुपये की अकूत संपत्ति के दस्तावेज बरामद हुए हैं, जो उनकी वैध आय से 241 फीसदी अधिक है।
Indore Lokayukta Police Raid गुपचुप सत्यापन और कोर्ट के वारंट के बाद तड़के दी दबिश
लोकायुक्त पुलिस को डिप्टी डायरेक्टर लक्ष्मी नारायण कंडवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की गोपनीय शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस महानिदेशक (DG) श्री योगेश देशमुख के कड़े निर्देशों पर लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के नेतृत्व में इस कार्रवाई का खाका खींचा गया। कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास ने इन सूचनाओं का गुपचुप तरीके से वेरिफिकेशन किया। आरोप सही पाए जाने पर भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 के तहत एफआईआर दर्ज की गई और विशेष न्यायालय इंदौर से सर्च वारंट जारी कराकर तड़के ही अधिकारी के घर, जिम और डिपार्टमेंटल स्टोर समेत 3 ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई।
Indore Lokayukta Police Raid स्कीम नंबर 103 में 4 मंजिला आलीशान कॉम्प्लेक्स और कीमती प्लॉट
लोकायुक्त की छानबीन में कंडवाल के आलीशान आशियाने और कमर्शियल प्रॉपर्टीज का खुलासा हुआ है। इंदौर के पॉश इलाके स्कीम नंबर 103 में 252 वर्गमीटर के प्लॉट पर करीब 13,500 वर्ग फीट का एक भव्य 4 मंजिला कॉम्प्लेक्स खड़ा मिला। इस बिल्डिंग के 3 फ्लोर पर कमर्शियल एक्टिविटी (व्यावसायिक गतिविधियां) संचालित हो रही हैं, जबकि टॉप फ्लोर पर अधिकारी का आलीशान आशियाना है। इसके अलावा, इंदौर की प्राइम लोकेशन स्कीम नंबर 140 में भी 1000-1000 वर्गफीट के दो बेहद कीमती प्लॉट के दस्तावेज मिले हैं।
Indore Lokayukta Police Raid पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के पास 11 जमीनों का खुलासा, जांच जारी
अधिकारी की काली कमाई सिर्फ इंदौर शहर तक सीमित नहीं थी। पीथमपुर इंडस्ट्रियल एरिया से सटे ग्रामीण और रणनीतिक इलाकों जैसे तारपुरा, बेकलाय और बनेड़िया में 11 कीमती कृषि व व्यावसायिक भूखंडों (प्लॉट्स) के मालिकाना हक के कागजात लोकायुक्त के हाथ लगे हैं। वर्तमान में लोकायुक्त पुलिस की तीन अलग-अलग टीमें आरोपी अधिकारी के मकान, उनके स्वामित्व वाले जिम और डिपार्टमेंटल स्टोर में दस्तावेजों, बैंक खातों और लॉकरों को खंगालने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का मानना है कि सर्चिंग पूरी होने तक बेनामी संपत्ति और सोने-चांदी का यह आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है।
Read this: US को ईरान की कड़ी चेतावनी, विदेश मंत्री बोले- किसी भी हमले का दिया जाएगा जवाब





