BY: Yoganand Shrivastva
जौनपुर, उत्तर प्रदेश: मछली शहर पड़ाव में बीते दिनों हुए करंट हादसे में तीन लोगों की मौत के मामले में मृतक प्राची मिश्रा के परिवार ने सरकारी मुआवजा लेने से साफ़ इनकार कर दिया है। परिवार का कहना है कि उन्हें किसी राशि से संतोष नहीं, बल्कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई चाहिए।
परिवार ने किया मुआवजा अस्वीकार
प्रशासन की टीम मृतक के परिजनों के पास सहायता राशि देने पहुंची, लेकिन प्राची मिश्रा के परिवार ने किसी भी मुआवजा को लेने से मना कर दिया। परिवार ने कहा, “5 लाख, 10 लाख, 20 लाख या 25 लाख भी दे दो, क्या हमारी बच्ची लौट आएगी?” इसके बाद सरकारी अमला खाली हाथ लौट गया।
सरकारी मुआवजा और कार्रवाई
जिलाधिकारी के आदेश पर बिजली विभाग प्रत्येक मृतक के परिजन को साढ़े सात लाख रुपये देने का निर्णय लिया था। दो अन्य मृतकों के परिवारों ने यह राशि स्वीकार कर ली है, जबकि प्राची मिश्रा के परिजन ने कोई राशि नहीं ली। स्थानीय विधायक भी परिवार से मिलने पहुंचे, लेकिन उन्होंने भी किसी तरह की सहायता स्वीकार नहीं की। फिलहाल, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के तहत अवर अभियंता विद्युत विभाग, अवर अभियंता नगर पालिका, एक सफाई कर्मी और सफाई नायक को निलंबित कर दिया गया है।
हादसे की पूरी कहानी
25 अगस्त को प्राची मिश्रा समान लेने के लिए घर से बाहर गई थीं। शाम को तेज बारिश हुई और नाले उफान पर आ गए। लौटते समय सड़क पर जलभराव और सड़क किनारे एक खुला नाला था, जिसमें करंट आ रहा था। प्राची इसी करंट की चपेट में आ गई और नाले की ओर बहने लगी।
तीन लोगों की जान गई
प्राची को बचाने के लिए मोहम्मद समीर दौड़े, लेकिन वह भी करंट की चपेट में आ गए। उनके बचाने के लिए एक ई-रिक्शा चालक भी दौड़ा और वह भी करंट से प्रभावित हुआ। इस हादसे में तीनों की मौत हो गई। प्राची और समीर की लाशें 28 घंटे बाद नाले से लगभग एक किलोमीटर दूर मिलीं।





