इंदौर में 23 अगस्त की सुबह कारोबारी चिराग जैन की हत्या ने पूरे शहर को हिला दिया था। इस मामले में मुख्य आरोपी और उनका पार्टनर विवेक जैन हत्या के बाद से फरार है। पुलिस को अब तक उसकी लोकेशन का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
पुलिस ने बैंक अकाउंट फ्रीज कराने लिखा पत्र
जांच अधिकारियों के मुताबिक, हत्या के बाद विवेक जैन ने अब तक किसी भी बैंक ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल नहीं किया है। आशंका है कि वह पूरी तरह कैश मनी पर खर्च चला रहा है। इसी वजह से इंदौर पुलिस ने उसके बैंक खातों को फ्रीज कराने के लिए संबंधित बैंकों को आधिकारिक पत्र लिखे हैं।
- विवेक जैन पर पहले ही 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया जा चुका है।
- पुलिस मान रही है कि आर्थिक दबाव बनाने से उसकी लोकेशन तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
हत्या के बाद की गतिविधियां
मामले की शुरुआती जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद विवेक जैन अपनी कार से बायपास तक गया था। वहां उसने गाड़ी खड़ी कर दी और फिर दूसरी गाड़ी से फरार हो गया।
- पुलिस ने उसकी कार जब्त कर ली है।
- पैतृक गांव, इंदौर और गुजरात में उसकी बहनों के घरों तक तलाशी ली गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
पार्टनरशिप डॉक्यूमेंट से सामने आया विवाद
पुलिस को विवेक जैन के घर से पार्टनरशिप के दस्तावेज भी मिले हैं।
- जांच में सामने आया है कि चिराग जैन समझौते के पक्ष में था।
- लेकिन पैसों के लेन-देन और आपसी विवाद के कारण मामला बढ़कर हत्या तक पहुंच गया।
चिराग जैन मर्डर केस में पुलिस लगातार छानबीन कर रही है, लेकिन आरोपी विवेक जैन अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। बैंक अकाउंट फ्रीज कराने और इनाम की घोषणा के बाद माना जा रहा है कि उसकी तलाश में जल्द ही बड़ी सफलता मिल सकती है।





