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गरियाबंद में वनोपज सहकारी संघ का हंगामा, लेखापाल के ट्रांसफर के बावजूद नहीं हुई भारमुक्ति

Gariaband forest produce cooperative union in uproar, despite transfer of accountant not relieved from charge

रिपोर्ट- लोकेश सिन्हा

गरियाबंद। जिला वनोपज सहकारी संघ मर्यादित, गरियाबंद में पदस्थ लेखापाल के ट्रांसफर आदेश को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दो-दो बार ट्रांसफर आदेश जारी होने के बावजूद लेखापाल को अभी तक कार्यमुक्त नहीं किया गया है। इसी मुद्दे को लेकर संघ के पदाधिकारियों ने गरियाबंद में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर जमकर विरोध जताया।

पदाधिकारियों का धरना प्रदर्शन

धरना स्थल पर संघ के जिला अध्यक्ष कल्याण सिंह कपिल सहित संचालक मंडल के सदस्य और पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि लेखापाल के ट्रांसफर आदेश को जानबूझकर लागू नहीं किया जा रहा है, जिससे संघ का नियमित कामकाज प्रभावित हो रहा है।

बार-बार की गई मांग अनसुनी

संघ पदाधिकारियों का कहना है कि कई बार मांग उठाने और ज्ञापन देने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस लापरवाही से संघ के कामों में बाधा आ रही है। वहीं, वन विभाग की एसडीओ अतुल श्रीवास्तव ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए कोर्ट के स्टे ऑर्डर का हवाला दिया।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

धरना स्थल पर मौजूद पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही लेखापाल को भारमुक्त नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा। उनका कहना है कि यह सिर्फ संघ की कार्यप्रणाली का मामला नहीं, बल्कि जिले के वनोपज कार्यों की पारदर्शिता और सुचारु संचालन से भी जुड़ा हुआ है।

फिलहाल, यह मामला गरियाबंद जिले में तूल पकड़ चुका है और अब सबकी निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।