रिपोर्टर – विष्णु गौतम
सरकारी स्कूल में “चोटी पर बवाल”,
दुर्ग के जे.आर.डी. सरकारी स्कूल में उस समय माहौल गरम हो गया जब छात्रों ने प्रिंसिपल पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया। मामला बढ़ने पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने स्कूल में प्रदर्शन किया और स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
छात्रों का आरोप: धार्मिक शिखा काटने का आदेश
छात्रों का कहना है कि प्रिंसिपल ने ब्राह्मण और अन्य हिंदू छात्रों को अपनी धार्मिक शिखा (चोटी) काटने का आदेश दिया, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
- छात्रों ने दावा किया कि यह पहली बार नहीं है, प्रिंसिपल अक्सर उन्हें अलग-अलग तरीकों से प्रताड़ित करते हैं।
- कुछ छात्रों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान भी उन्हें कक्षाओं से बाहर निकाल दिया गया था।
इन घटनाओं से छात्रों और अभिभावकों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
बजरंग दल का प्रदर्शन
जैसे ही मामला सामने आया, बजरंग दल के सदस्य स्कूल पहुंचे और प्रिंसिपल के खिलाफ नारेबाजी की।
- उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन जानबूझकर धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ कर रहा है।
- छात्रों को अनावश्यक दबाव में रखा जा रहा है।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और माहौल को शांत कराया।
स्कूल प्रबंधन का पक्ष
वहीं, स्कूल के शिक्षक आर.के. दुबे ने सभी आरोपों से इनकार किया। उनका कहना है कि—
- किसी भी धर्म या समुदाय की भावनाएं आहत करने का उद्देश्य नहीं था।
- केवल लंबे बाल रखने वाले छात्रों को साफ-सुथरा दिखने के लिए बाल कटवाने की सलाह दी गई थी।
- इसमें किसी विशेष धर्म को लक्षित नहीं किया गया।
यह विवाद अब प्रशासनिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है। जहां एक ओर छात्र और अभिभावक नाराज हैं, वहीं स्कूल प्रबंधन इसे मात्र अनुशासन और साफ-सफाई का मुद्दा बता रहा है।





