BY: Yoganand Shrivastava
इंदौर। शहर-2 विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक रमेश मेंदोला ने सोमवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक ऐसा पोस्ट कर दिया, जो अब चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने एनडीए के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन को “भारत का भावी राष्ट्रपति” कहकर बधाई दे डाली।
विधायक मेंदोला ने सुबह 11:35 बजे पोस्ट करते हुए लिखा— “भारत के भावी राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन जी को स्वच्छता के लिए प्रसिद्ध इंदौर की ओर से हार्दिक शुभकामनाएँ।” दिलचस्प बात यह है कि अब तक उन्होंने इस पोस्ट को न तो एडिट किया है और न ही हटाया।
राधाकृष्णन NDA के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार
गौरतलब है कि राधाकृष्णन को रविवार को भाजपा संसदीय दल की बैठक में एनडीए का उपराष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित किया गया। भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने उनके नाम का औपचारिक ऐलान किया।
वे 21 अगस्त को नामांकन दाखिल करेंगे और 9 सितंबर को मतदान व परिणाम दोनों घोषित होंगे। नामांकन की अंतिम तिथि 21 अगस्त है, जबकि 25 अगस्त तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकते हैं। यह चुनाव मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई को अप्रत्याशित इस्तीफे के बाद हो रहा है, जिनका कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था।
राधाकृष्णन का राजनीतिक और सामाजिक सफर
- पूरा नाम चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन।
- जन्म: 20 अक्टूबर 1957, तिरुपुर (तमिलनाडु)।
- पढ़ाई: बीबीए।
- 16 वर्ष की आयु में RSS से जुड़े और 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी समिति में शामिल हुए।
- 1998 और 1999 में कोयंबटूर से सांसद चुने गए।
- 2004–2007 के बीच तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इसी दौरान उन्होंने 19,000 किमी की रथयात्रा निकाली।
- 2020–2022 तक भाजपा के केरल प्रभारी रहे।
- जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के राज्यपाल, इससे पहले झारखंड के राज्यपाल और तेलंगाना व पुडुचेरी का अतिरिक्त प्रभार संभाला।
- खेलों में रुचि रखते हैं, कॉलेज के दिनों में टेबल टेनिस चैंपियन रहे।
- अब तक 20 से ज्यादा देशों की यात्रा कर चुके हैं।
उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया – 6 चरणों में
- निर्वाचक मंडल – लोकसभा व राज्यसभा के सभी सदस्य (निर्वाचित व नामांकित)। इस बार कुल संख्या 782।
- अधिसूचना – 7 अगस्त को जारी।
- नामांकन – 21 अगस्त तक, नामांकन के लिए 20 सांसदों का प्रस्ताव और समर्थन अनिवार्य।
- प्रचार – केवल सांसद मतदाता होते हैं, इसलिए प्रचार सीमित दायरे में।
- मतदान प्रणाली – सांसद प्राथमिकता क्रम (1, 2, 3…) में वोट करते हैं।
- नतीजा – मतदान व गणना एक ही दिन होती है, बहुमत (50%+) मिलने पर जीत सुनिश्चित। इस बार वोटिंग और नतीजे 9 सितंबर को घोषित होंगे।





