उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को संसद के उच्च सदन राज्यसभा में बड़ी मजबूती मिली है। तीन मनोनीत सांसदों के बीजेपी में शामिल होने से पार्टी का आंकड़ा अब 102 तक पहुंच गया है। यह घटनाक्रम चुनाव से पहले बीजेपी के लिए अहम माना जा रहा है।
उपराष्ट्रपति धनखड़ का अचानक इस्तीफा
संसद का मॉनसून सत्र चल रहा है। इसी दौरान पहले ही दिन बड़ा सियासी झटका लगा जब उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका कार्यकाल वर्ष 2027 तक था। इस्तीफे के बाद सरकार ने तुरंत अगली रणनीति बनानी शुरू कर दी और नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया भी आरंभ हो गई।
बीजेपी की ताकत कैसे बढ़ी?
हाल ही में राष्ट्रपति ने 4 नए सदस्यों को राज्यसभा में मनोनीत किया। इनमें से तीन नेताओं ने बीजेपी का दामन थाम लिया।
बीजेपी से जुड़ने वाले नए सांसद:
- उज्ज्वल निकम – मशहूर वकील
- हर्षवर्धन श्रृंगला – पूर्व विदेश सचिव
- सी. सदानंदन मास्टर – समाजसेवी
इन तीनों के जुड़ने से बीजेपी का राज्यसभा में आंकड़ा 102 हो गया, जिससे पार्टी की स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है।
क्यों है यह चुनाव से पहले अहम?
- अप्रैल 2022 के बाद पहली बार बीजेपी ने 100 का आंकड़ा पार किया।
- अब राज्यसभा में बीजेपी के 102 सदस्य हैं।
- यह उपराष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले हुआ, जिससे पार्टी की चुनावी दावेदारी मजबूत होगी।
उपराष्ट्रपति का चुनाव 9 सितंबर 2025 को होना है। ऐसे में नए समीकरण बीजेपी को स्पष्ट बढ़त दिलाते नजर आ रहे हैं।
राज्यसभा का मौजूदा समीकरण
- राज्यसभा में कुल 250 सीटें हो सकती हैं।
- इनमें से 12 सदस्य राष्ट्रपति की ओर से मनोनीत किए जाते हैं।
- फिलहाल सदन में 245 सदस्य मौजूद हैं।
- इनमें से 5 मनोनीत सदस्य अब बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।
इन आंकड़ों को देखते हुए कहा जा सकता है कि उपराष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी की स्थिति बेहद मजबूत हो गई है।
उपराष्ट्रपति धनखड़ के इस्तीफे और तीन मनोनीत सांसदों के बीजेपी में शामिल होने से भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव आया है। राज्यसभा में 102 का आंकड़ा छूने वाली बीजेपी अब उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 में पहले से कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है।





