ब्रिटिश संसद में होगा सम्मान
भोपाल, 01 अगस्त 2025
मध्यप्रदेश पुलिस के राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान “नशे से दूरी – है जरूरी” ने इतिहास रच दिया है। नशे के खिलाफ चलाए गए इस अभियान ने अपनी वृहद जनभागीदारी और प्रभावशीलता के चलते वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह बनाई है।
23 लाख लोगों की प्रत्यक्ष सहभागिता
15 जुलाई से 30 जुलाई 2025 तक चले इस अभियान में प्रदेश के 57 जिलों के 1175 थानों ने सक्रिय भूमिका निभाई।
- 23 लाख लोगों ने प्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लिया।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से 6.35 करोड़ लोगों तक संदेश पहुंचा।
इस तरह यह अभियान एक जनआंदोलन का रूप ले सका।
पुलिस मुख्यालय में हुआ सम्मान
शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय, भोपाल में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के सीईओ एवं प्रेसीडेंट संतोष शुक्ला ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा और एडीजी नारकोटिक्स के.पी. व्यंकटेश्वर राव को सर्टिफिकेट प्रदान किया।
इस अवसर पर संस्था की जनरल सेक्रेटरी डॉ. तिथि भल्ला और एडिटर अपूर्वा मेनन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

डीजीपी मकवाणा ने कही बड़ी बात
डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा:
“हमारा उद्देश्य कभी भी कोई विश्व रिकॉर्ड बनाना नहीं था। असली मकसद था कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाए। यह सम्मान पूरे पुलिस बल, सहयोगी संस्थाओं और जनता के समर्पण का परिणाम है।”
उन्होंने इसे नैतिक दायित्व बताते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं और किशोरों को नशे से बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ब्रिटिश संसद में होगा सम्मान
वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के सीईओ संतोष शुक्ला ने इस अभियान की सराहना करते हुए बताया कि
“13 सितंबर को ब्रिटिश पार्लियामेंट में आयोजित समारोह में डीजीपी मकवाणा को सम्मानित किया जाएगा।”





