BY: Yoganand Shrivastva
ग्वालियर: ग्वालियर की एक विशेष अदालत ने दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। आरोपी पर एक युवती को विवाह का आश्वासन देकर कई दिनों तक यौन शोषण करने का आरोप है। अदालत ने मामले की गंभीरता और पीड़िता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया।
क्या है मामला?
शहर की 24 वर्षीय युवती ने पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया कि आरोपी सतीश बघेल ने पहले उससे दोस्ती की, फिर प्रेम संबंध स्थापित किए और शादी का वादा किया। इसी बहाने वह उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। युवती ने दावा किया कि आरोपी लगभग 90 दिनों तक लिव-इन रिलेशन में रहा और उसके साथ बार-बार बलात्कार करता रहा।
पीड़िता का आरोप है कि जब वह गर्भवती हुई और शादी के लिए ज़ोर देने लगी, तो आरोपी ने इनकार कर दिया। उसका कहना था कि “जो होना था हो गया, अब वह शादी नहीं करेगा”। इसके बाद वह युवती को अकेला छोड़कर फरार हो गया।
गर्भपात के लिए कोर्ट की अनुमति ली गई
गर्भवती होने के बाद पीड़िता ने अदालत से गर्भ समापन की अनुमति मांगी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। चिकित्सा प्रक्रियाओं के बाद युवती का गर्भपात कराया गया।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस ने 14 जुलाई को सतीश बघेल को गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोपी के खिलाफ बलात्कार, मारपीट, और अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST Act) के तहत केस दर्ज किया गया है।
कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की
आरोपी ने कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी, लेकिन पीड़ित पक्ष के वकील ने उसका विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी बाहर आने पर मामले को प्रभावित कर सकता है और पीड़िता को धमकी दे सकता है। इन तथ्यों और केस की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए अदालत ने आरोपी को राहत देने से इंकार कर दिया और जमानत याचिका खारिज कर दी।





