BY: Yoganand Shrivastva
न्यूयॉर्क | सॉल्ट लेक सिटी से एम्स्टर्डम जा रही डेल्टा एयरलाइंस की एक इंटरनेशनल फ्लाइट को बुधवार रात उस समय जबरदस्त टर्बुलेंस (हवा में झटके) का सामना करना पड़ा, जब वह अमेरिका के ऊपर उड़ान भर रही थी। इस अप्रत्याशित घटना के चलते कई यात्रियों को चोटें आईं और पायलट को तत्काल मिनियापोलिस-सेंट पॉल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आपात लैंडिंग करनी पड़ी।
आपात लैंडिंग के बाद राहत कार्य
घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट पर पहले से मौजूद राहत और चिकित्सा दलों ने घायलों की मदद शुरू कर दी। डेल्टा एयरलाइंस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस घटना में 25 यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद स्थानीय अस्पतालों में परीक्षण के लिए भेजा गया है। एयरलाइन ने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा और कुशलता है।
चिकित्सा विशेषज्ञों की राय
डॉक्टरों के अनुसार, वाणिज्यिक विमानों में उड़ान के दौरान गंभीर चोटें बहुत ही कम देखने को मिलती हैं, लेकिन जब टर्बुलेंस अत्यधिक होता है और यात्री सीट बेल्ट नहीं लगाए होते हैं, तो ऐसी स्थितियाँ गंभीर बन सकती हैं।
जलवायु परिवर्तन का असर
वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण जेट स्ट्रीम्स में असामान्य परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं, जिससे टर्बुलेंस की घटनाएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं और भी आम हो सकती हैं, खासकर लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में।
ऐसी घटना पहले भी हो चुकी है
यह पहला मौका नहीं है जब टर्बुलेंस ने विमान यात्रा को खतरनाक बना दिया हो। मई 2024 में, सिंगापुर एयरलाइंस की एक उड़ान में हुए तेज टर्बुलेंस के चलते एक यात्री की मृत्यु हो गई थी। वह घटना दशकों बाद पहली बार किसी वाणिज्यिक फ्लाइट में टर्बुलेंस के कारण जान जाने की पुष्टि थी।
एयरलाइन की प्रतिक्रिया
डेल्टा एयरलाइंस ने यात्रियों और उनके परिजनों को आश्वस्त किया है कि वे घायलों की हरसंभव सहायता कर रहे हैं। साथ ही, घटना की पूरी जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि टर्बुलेंस का स्तर असामान्य क्यों था और भविष्य में ऐसी घटनाओं से कैसे निपटा जा सकता है।





