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मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन में देश में अग्रणी

Under the leadership of Chief Minister Dr. Yadav, Madhya Pradesh is leading in the country in the implementation of PESA Act

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनजातीय वर्ग के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। जनजातीय समुदाय के लिये राज्य सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की योजनाएं चलाई जा रही है। प्रदेश के 88 ट्राइबल ब्लॉक्स में लागू पेसा अधिनियम जनजातीय समुदाय के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस अधिनियम के अंतर्गत जनजातीय समुदाय आपसी विवादों का समाधान थानों में शिकायत दर्ज कराए बिना ही चौपालों के माध्यम से कर रहे हैं। पेसा अधिनियम के क्रियान्वयन में देश में मध्यप्रदेश न केवल अग्रणी है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।

जनजातीय समुदाय ने अब तक लगभग 8 हजार से अधिक विवाद प्रकरणों का चौपाल के माध्यम से निराकरण कर मिसाल पेश की है। इन मामलों में पारिवारिक जमीन संबंधी विवाद शामिल है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा लागू किए गए पेसा एक्ट का उद्देश्य भी यही है कि जनजातीय समुदाय के लोगों को छोटे-छोटे विवाद में पुलिस थाना का चक्कर ना लगाना पड़े और आपस में बैठकर ही मामले की सुलह कर लें। साथ ही उनकी परंपरा, कला संस्कृति की भी रक्षा की जा सके।

पेसा अधिनियम के अंतर्गत 3 प्रकार की समितियां कर रहीं हैं काम

पेसा अधिनियम के तहत प्रदेश के 88 विकासखंडों में तीन प्रकार की समितियां काम रही है। इसमें शांति और विवाद निवारण समिति, सहयोगिनी मातृ समिति और वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति शामिल है। प्रदेश में शांति और विवाद निवारण समिति की संख्या 11 हजार 639 है। वन संसाधन योजना एवं नियंत्रण समिति की संख्या 11 हजार 331 है, जबकि सहयोगिनी मातृ निवारण समिति की संख्या 21 हजार 887 है।

देश के 10 राज्य में हो रहा है पेसा एक्ट का क्रियान्वयन, मध्यप्रदेश है अग्रणी

देश के 10 राज्यों में पेसा एक्ट का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसमें मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा सफलता की कहानियों को लेकर एक पुस्तिका भी निकाली गई है जिसमें मध्यप्रदेश की दो कहानियों को शामिल किया गया है। इस वजह से मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।

5133 ग्राम पंचायतों में लागू है पेसा अधिनियम

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय बाहुल्य वाले प्रदेश के 20 जिलों के 88 विकासखंड की 5133 ग्राम पंचायतों के 11 हजार 596 ग्रामों में पेसा एक्ट लागू किया गया है। वर्तमान में 4850 पेसा मोबलाइजर कार्य कर रहे हैं। पेसा कानून में सबसे महत्वपूर्ण विषय वित्तीय प्रबंधन है, जिसके तहत राज्य में अब तक 11 हजार 538 खाते खोले गये है।

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