घटना का पृष्ठभूमि
दुर्ग शहर के वार्ड नंबर 54 (पोटिया कला) में निगम द्वारा प्रस्तावित कचरा सेग्रीगेशन प्लांट की स्थापना को लेकर स्थानीय निवासी आज एक जन-सुनवाई में एकत्रित हुए। इस सुनवाई में महापौर अलका बाघमार, MIC सदस्य और निगम प्रशासन के अधिकारी शामिल थे। प्लांट को लेकर आवासीय क्षेत्र में व्यापक नाराज़गी थी। निवासियों की आपत्ति थी कि इस प्लांट में सिर्फ वार्ड 54 का पुराना कचरा ही नहीं, बल्कि पूरे शहर का कचरा डंप होगा, जिससे बदबू, बीमारी और प्रदूषण की समस्याएँ बढ़ जाएँगी।
जन‑सुनवाई में उठे संवाद
- वार्ड पार्षद सविता साहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा: “सालों से यहां ट्रेचिंग ग्राउंड संचालित होता रहा है और हम लोग इसकी बदबू झेलते रहे हैं। अब हम दोबारा यहां पर कोई प्लांट स्थापित नहीं होने देंगे।”
- महापौर अलका बाघमार ने आश्वासन दिया कि:
- प्रस्तावित प्लांट में केवल पुराने डंप किए गए कचरे का ही सेग्रीगेशन होगा, नया कचरा डंप नहीं किया जाएगा।
- केवल वार्ड की सीमा के भीतर ही कचरा निष्पादित किया जाएगा, “पूरे 60 वार्डों” का कचरा नहीं आएगा।
मगर इन आश्वासनों के बाद भी स्थानीय निवासियों ने विरोध करना जारी रखा।
जन-सुनवाई का नतीजा: ‘विफल’
निवासियों के ज़िद और स्पष्ट असमर्थता के चलते महापौर ने घोषणा की कि पोटिया कला वार्ड में सेग्रीगेशन प्लांट नहीं लगाया जाएगा। जन-सुनवाई का एक उद्देश्य सरकार और निगम की योजनाओं में पारदर्शिता लाना तो था, लेकिन जब जनता का विरोध अडिग रहा, तो परियोजना को वहीं रोक दिया गया। यह स्थानीय लोकतंत्र की जीत मानी जा सकती है, जहाँ जनता ने सामूहिक रूप से योजना को रोका।
लेकिन कचरा प्रबंधन चुनौती अभी बरकरार
- वर्तमान में दुर्ग नगर निगम के सामने वेस्ट डंपिंग यार्ड की कमी एक गंभीर समस्या बनी हुई है।
- प्लांट रोकने के निर्णय से फ़िलहाल वार्डवासियों की राहत तो हुई, लेकिन शहर के कचरा प्रबंधन की समस्या बलवती बनी रहेगी।
- अब प्रश्न यह है कि नगर निगम किस प्रकार से एक पर्यावरणीय दृष्टिकोण, स्वास्थ्य सुरक्षा और लोगों की सहमति के साथ एक नया युक्त समाधान निकालेगा।
आगे की राह
- एनवायरनमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट (EIA) सहित सटीक अध्ययन: शहर के किसी नोटिफ़ाइड बाहर क्षेत्र में प्लांट प्रस्तावित करने पर विचार।
- लोकल फीडबैक से संशोधन: मसलन, ग्रामीण इलाकों या औद्योगिक क्षेत्रों में विकल्प तलाशना।
- स्वच्छता वर्कशॉप्स और जागरूकता अभियान: विकासशील कचरा प्रबंधन व्यवहार—घर से अलग कचरा संग्रहण, पुनःचक्रण आदि पर कार्य।
- प्लान-बी रणनीति: छोटे वाशिंग-साइट या कम्पोस्टिंग यूनिट्स स्थानीय स्तर पर स्थापित करना जहाँ बड़े प्लांट की जरूरत न हो।





