BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली,यदि आप बिना किसी महिला की इजाजत के उसकी तस्वीर या वीडियो सोशल मीडिया या किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर साझा करते हैं, तो यह कानूनी तौर पर गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसा करने पर आपको जेल और जुर्माने दोनों की सजा हो सकती है। हाल ही में बेंगलुरु की एक घटना ने इस विषय को फिर से चर्चा में ला दिया है।
बेंगलुरु का मामला क्या है?
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के चर्च स्ट्रीट पर एक युवती का वीडियो उसकी अनुमति के बिना रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया गया। पीड़िता ने इस बात की शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने एक युवक को गिरफ़्तार कर लिया। यह घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और लोगों में नाराज़गी देखी गई।
क्या कहता है संविधान और कानून?
भारत का संविधान नागरिकों को अनुच्छेद 21 के अंतर्गत “जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता” का अधिकार देता है, जिसमें निजता का अधिकार (Right to Privacy) भी शामिल है। किसी की अनुमति के बिना उसकी तस्वीर लेना या वीडियो बनाना और उसे सार्वजनिक करना, इस अधिकार का उल्लंघन है।
आईटी अधिनियम के तहत सजा का प्रावधान
भारत में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 (IT Act, 2000) के अंतर्गत ऐसे मामलों पर कठोर प्रावधान मौजूद हैं:
🔹 धारा 66E
- किसी की निजी तस्वीर या वीडियो को अनुमति के बिना लेना और साझा करना अपराध है।
- इसमें दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की जेल, या 2 लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
🔹 धारा 67
- यदि कोई व्यक्ति इंटरनेट या अन्य डिजिटल माध्यम से अश्लील सामग्री प्रसारित करता है, तो यह गंभीर अपराध है।
- पहली बार अपराध करने पर:
➤ 3 साल की जेल और
➤ 5 लाख रुपये तक जुर्माना। - दूसरी बार अपराध दोहराने पर:
➤ 5 साल की सजा और
➤ 10 लाख रुपये तक जुर्माना।
क्यों है ये गंभीर अपराध?
इस तरह की गतिविधियाँ न केवल पीड़िता की निजता को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न का कारण भी बन सकती हैं। महिलाओं की सुरक्षा और डिजिटल सम्मान के मद्देनज़र ऐसे कृत्य को कानून सख्ती से दंडित करता है।
कैसे बचें इस अपराध से?
- किसी की तस्वीर या वीडियो लेने से पहले स्पष्ट अनुमति जरूर लें।
- सोशल मीडिया पर किसी के चेहरे, शरीर या निजी क्षणों से जुड़ी तस्वीरें साझा करने से बचें।
- किसी महिला के खिलाफ अपमानजनक या अश्लील सामग्री फैलाना कानूनी रूप से गंभीर अपराध है।
क्या करें अगर आपके साथ ऐसा हुआ है?
- नजदीकी साइबर क्राइम सेल या पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
- अपराधी के खिलाफ FIR करवाई जा सकती है।
- पीड़िता को कानून की पूरी सहायता और गोपनीयता दी जाती है।





