यमुना में छोड़ा गया 15 हजार क्यूसिक पानी, आगरा में बढ़ा जलस्तर | मेट्रो पुल निर्माण रुका

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यमुना में छोड़ा गया 15 हजार क्यूसिक पानी, आगरा में बढ़ा जलस्तर | मेट्रो पुल निर्माण रुका

मथुरा के गोकुल बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी की वजह से यमुना नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। सोमवार को बैराज से 15,047 क्यूसिक पानी छोड़ा गया, जबकि रविवार को यह मात्रा 15,500 क्यूसिक थी। इससे यमुना अब पोइया घाट पर दोनों किनारों को छूते हुए बह रही है। हालांकि अभी नदी का स्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन अगले 1-2 दिनों में और जलस्तर बढ़ने की संभावना है।


यमुना का जलस्तर: अभी खतरे से नीचे, लेकिन तेजी से बढ़ रहा है

  • आगरा में यमुना का वॉर्निंग लेवल: 151.4 मीटर
  • वर्तमान जलस्तर: 57.3 मीटर

हालांकि यह वॉर्निंग प्वाइंट से नीचे है, फिर भी गोकुल बैराज से छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना की धाराएं तेज हो गई हैं और कई घाटों पर पानी भरने लगा है।


बढ़ते जलस्तर का असर: मेट्रो पुल निर्माण कार्य रुका

यमुना नदी में बढ़ते जलस्तर का सीधा असर आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट पर पड़ा है। यमुना पर बनने वाले 350 मीटर लंबे मेट्रो पुल का निर्माण कार्य रोकना पड़ा है क्योंकि मशीनों का संचालन संभव नहीं हो पा रहा।

  • यह पुल आगरा कैंट से कालिंदी विहार कॉरिडोर का हिस्सा है
  • पुल की ऊंचाई नदी से लगभग 18 मीटर ऊपर होगी
  • डिजाइन और जियोटेक्निकल सर्वे पहले ही पूरा किया जा चुका है
  • अनुमान है कि यह पुल 15-18 महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा

आगामी दिनों में जलस्तर में और इजाफा संभव

मौसम विभाग और प्रशासन का मानना है कि गोकुल बैराज से पानी छोड़ने का सिलसिला जारी रहा, तो यमुना का जलस्तर आने वाले 48 घंटों में और बढ़ सकता है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है लेकिन घाट किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


यमुना का जलस्तर फिलहाल चेतावनी के स्तर से नीचे है, लेकिन यह तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन को चाहिए कि संभावित बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारियां रखे। साथ ही, मेट्रो जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के प्रभावित होने से विकास कार्यों की गति पर भी असर पड़ सकता है।

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