योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद इन दिनों चर्चा में है। वजह है केंद्र सरकार द्वारा कंपनी की औपचारिक जांच की शुरुआत। आखिर क्या है पूरी सच्चाई? आइए जानते हैं।
क्यों हो रही है पतंजलि आयुर्वेद की जांच?
केंद्र सरकार के कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) ने पतंजलि आयुर्वेद की गहन जांच शुरू कर दी है। यह वही कंपनी है जो बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व में देशभर में आयुर्वेदिक उत्पादों के लिए जानी जाती है।
जांच की मुख्य वजहें:
- वित्तीय लेन-देन में संभावित अनियमितताएं
- कुछ एजेंसियों से मिली शिकायतें
- कंपनी के कार्य संचालन में पारदर्शिता की कमी का संदेह
कंपनी अधिनियम की धारा 210 के तहत कार्रवाई
सरकार ने पतंजलि आयुर्वेद को कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 210 के तहत नोटिस भेजा है। यह धारा सरकार को यह अधिकार देती है कि वह जनहित में किसी भी कंपनी की जांच कर सके।
क्या है धारा 210?
- इसमें कंपनी के रिकॉर्ड, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा सकती है।
- अगर जरूरी समझा जाए, तो जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
पतंजलि का क्या कहना है इस पर?
जब इकनॉमिक टाइम्स (ET) ने इस विषय पर पतंजलि आयुर्वेद से संपर्क किया, तो कंपनी के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि “हमें MCA से अब तक कोई सूचना नहीं मिली है।”
इस मामले में मंत्रालय को भी सवाल भेजे गए थे, लेकिन खबर लिखे जाने तक वहां से कोई जवाब नहीं आया था।
पहले भी विवादों में रही है पतंजलि
यह पहली बार नहीं है जब पतंजलि किसी विवाद में आई हो। इससे पहले भी कंपनी पर कई आरोप लग चुके हैं।
हाल के बड़े विवाद:
- अप्रैल 2024 में, पतंजलि फूड्स को ₹27.5 करोड़ के टैक्स नोटिस का सामना करना पड़ा। यह नोटिस GST इंटेलिजेंस विभाग (DGGI) की ओर से भेजा गया था।
- सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पतंजलि को भ्रामक विज्ञापन प्रसारित करने से भी रोका था।
पतंजलि फूड्स, पतंजलि आयुर्वेद की ही एक सूचीबद्ध कंपनी (लिस्टेड कंपनी) है।
MCA का सख्त रुख: कंपनियों पर बढ़ी निगरानी
कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय हाल के महीनों में काफी एक्टिव नजर आया है। वह कंपनियों के कामकाज पर पैनी नजर रख रहा है।
हाल के अन्य मामलों में जांच:
- जेनसोल इंजीनियरिंग में कथित वित्तीय धोखाधड़ी
- कई अन्य कंपनियों पर नियम उल्लंघन के चलते कार्रवाई
सरकार का उद्देश्य साफ है – सभी कंपनियां पारदर्शी तरीके से काम करें और कानून का पालन करें।
निष्कर्ष: क्या होगा आगे?
पतंजलि आयुर्वेद पर जांच शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। कंपनी की तरफ से फिलहाल कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है।
अगर जांच में कुछ गंभीर अनियमितताएं सामने आती हैं, तो सरकार कड़ी कार्रवाई कर सकती है।