PK के इस फैसले से बढ़ेगी नीतीश कुमार और लालू यादव की टेंशन! अब बिहार की राजनीति में आएगा नया मोड़?

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image

जन सुराज के संस्थापक और पूर्व चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर 2 अक्टूबर को अपनी जनसुराज पार्टी लॉन्च करने वाले हैं। लेकिन इससे पहले उन्होंने एक चौंकाने वाला फैसला किया है। किशोर की ओर से ऐलान किया गया है कि वो पार्टी का अध्यक्ष नहीं होंगे बल्कि संगठन का नेतृत्व एक दलित करेगा।  

मीडिया रिपोर्ट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रशांत किशोर ने यह ऐलान बिहार में अपने संगठन के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान किया। खबरों की मानें तो पीके ने पार्टी लॉन्च से पहले आठ बैठकों की तैयारी के लिए पटना में इन नेताओं से मुलाकात की। गौरतलब है कि प्रशांत किशोर की ओर से 2 अक्टूबर 2022 से ही पूरे बिहार में पदयात्रा निकाले जा रहे हैं। उनकी ओर से पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ साथ स्थानीय मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं।

कौन अध्यक्ष पद के लिए भर सकता है आवेदक?

पार्टी नेतृत्व की दौड़ से खुद को बाहर करते हुए प्रशांत किशोर ने बताया, ऐसे आवेदक जो पार्टी में 5000 लोगों को लाने में सक्षम हैं, वे पार्टी अध्यक्ष पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। जन सुराज की सात सदस्यों वाली अधिकार प्राप्त समिति इस पर अंतिम फैसला लेगी। इस कमेटी को शुक्रवार को ही चुना गया है। 

हर साल बदला जाएगा अध्यक्ष- पीके

पीके ने अध्यक्ष पद को लेकर कहा, समाज में 5 समूह सामान्य, ओबीसी, ईबीसी, एससी, एसटी और मुस्लिम हैं। दलित सबसे अधिक वंचित हैं, इसलिए उनकी पार्टी का पहला अध्यक्ष इसी वर्ग से आएगा। हमने रोटेशनल नेतृत्व देने का भी फैसला किया है। यानी अध्यक्ष का कार्यकाल एक साल के लिए होगा। या तो ईबीसी या मुस्लिम हमारा दूसरा अध्यक्ष होगा, उसके बाद ओबीसी और सामान्य वर्ग से कोई उम्मीदवार होगा। विचार यह है कि पांच साल के चुनावी कार्यकाल में सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व दिया जाए।

अध्यक्ष पद के लिए क्या होगी शैक्षिक योग्यता?

प्रशांत किशोर ने बताया कि अभी अध्यक्ष पद के लिए न्यूनतम योग्यता कक्षा 10 और 12 के बीच तय नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा, \”लालू और नीतीश कुमार ने राज्य को अनपढ़ों से भर दिया है और इसलिए हम अपनी पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए न्यूनतम योग्यता \’स्नातक\’ नहीं रख सकते। जाहिर तौर पर प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति में एक ताकतवर नेता के तौर पर बनकर सामने आ रहे हैं। जो जेडीयू, आरजेडी और बिहार बीजेपी के लिए एक चिंता का सबब बन सकते हैं।

Raipur Police: रायपुर में पुलिस का बड़ा चेकिंग अभियान, बीएसयूपी कॉलोनी के 300 से ज्यादा मकानों की हुई जांच

Raipur Police: 100 से अधिक पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों ने चलाया सघन सत्यापन अभियान

Madrasa Demolition: भिलाई में सरकारी जमीन पर बने कथित अवैध मदरसे पर चला बुलडोजर

Madrasa Demolition: अय्यप्पा नगर में निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई,

CG TOP 10: विकास परियोजनाओं से लेकर हाईकोर्ट के फैसले तक

1. CG TOP 10: जांजगीर-चांपा में 295 करोड़ के विकास कार्यों की