जल जीवन मिशन में पूर्व सरकार की लापरवाही पर साधा निशाना – दी 500 करोड़ की विकास सौगात
बालोद। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बालोद जिला संयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में बालोद, कांकेर और नारायणपुर जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर सुशासन तिहार एवं जिले में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक की शुरुआत सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण की समीक्षा से हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वच्छता और साफ-सफाई से जुड़े सभी आवेदनों को प्राथमिकता से निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि लोगों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ी है, ऐसे में अधिकारी पूरे रुचि और गंभीरता से कार्य करें।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर जल जीवन मिशन को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “कहीं टंकी बनी है, तो पानी नहीं है। कहीं नल कनेक्शन दिया गया, लेकिन पानी की सप्लाई ही नहीं। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर लागू करने में पिछली सरकार विफल रही। हम इस योजना को बेहतर ढंग से और प्रभावी रूप से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
बालोद को 500 करोड़ की सौगात
मुख्यमंत्री ने बैठक में ऐलान किया कि बालोद जिले को 500 करोड़ रुपए की लागत से उच्च दाब विद्युत उपकेंद्र देवरी की सौगात दी जाएगी। साथ ही 11 करोड़ रुपए की लागत से चिखली से जुनवानी तक सड़क निर्माण की भी घोषणा की गई। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में सुशासन तिहार का आयोजन हो रहा है, और बालोद उनका 28वां जिला दौरा है। पहले चरण में प्रदेशभर से 40 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनके पूर्ण निराकरण का लक्ष्य तय किया गया है।
सीमांकन कार्यों में तेजी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग को सीमांकन कार्यों को बारिश से पहले पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से कहा कि 100 प्रतिशत स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए अभियान चलाया जाए।
कृषि और शिक्षा पर भी विशेष ध्यान
बैठक में मुख्यमंत्री ने खाद और बीज की उपलब्धता की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में समुचित मात्रा में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने कहा कि शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंत में कहा कि “सुशासन केवल एक नारा नहीं, बल्कि लोगों को बेहतर सेवाएं देने की हमारी प्राथमिकता है। हम पारदर्शिता, जवाबदेही और गति के साथ काम कर रहे हैं।”





