केरल बारिश: तिरुवनंतपुरम में 370 राहत शिविर खुले, हर तालुका को 5 लाख रुपये का फंड

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केरल बारिश

केरल के तिरुवनंतपुरम जिले में भारी बारिश और तेज़ हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में प्रशासन ने आपदा प्रबंधन के तहत राहत और बचाव कार्यों को तेज़ कर दिया है। इस लेख में हम ताजा स्थिति, राहत शिविरों की जानकारी, और सुरक्षा संबंधी जरूरी सलाह प्रस्तुत कर रहे हैं।


तिरुवनंतपुरम में 370 राहत शिविरों का संचालन

बारिश से प्रभावित लोगों की मदद के लिए जिले में 370 राहत शिविर खोले गए हैं। इन शिविरों में प्रभावितों को आश्रय, भोजन और चिकित्सा सहायता दी जाएगी।

  • प्रत्येक तालुका को 5 लाख रुपये का आपातकालीन फंड आवंटित किया गया है ताकि वे आवश्यक सहायता तुरंत प्रदान कर सकें।
  • यह कदम जिले की बारिश तैयारी समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया है।

फायर एंड रेस्क्यू टीम सक्रिय

फायर एंड रेस्क्यू विभाग की टीमें बारिश से संबंधित कई आपात कॉल्स का प्रबंधन कर रही हैं। आमतौर पर आने वाली शिकायतें हैं:

  • उखड़े हुए पेड़ जो रास्तों को बाधित कर रहे हैं
  • गिरे हुए बिलबोर्ड
  • छतों और अन्य संपत्तियों को नुकसान

खुशकिस्मती से अब तक किसी के घायल होने की खबर नहीं मिली है।


खतरा पैदा करने वाले पेड़ों की कटाई पर सख्त निर्देश

जिला कलेक्टर अनु कुमारी, जो जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष भी हैं, ने खतरनाक पेड़ों और शाखाओं को हटाने के आदेश जारी किए हैं।

  • सरकारी विभागों को अपने कार्यालय परिसरों से खतरनाक पेड़ हटाने होंगे।
  • स्थानीय स्वशासन निकाय भी अपने क्षेत्र में लटकी हुई शाखाओं को तुरंत साफ करें।
  • निजी संपत्तियों में यदि खतरनाक पेड़ पाए जाते हैं, तो संबंधित मालिकों को नोटिस दिया जाएगा।
  • मालिक कार्रवाई नहीं करते हैं तो स्थानीय प्रशासन पेड़ हटाकर लागत वसूल करेगा।
  • पेड़ों की पूरी कटाई केवल स्थानीय समिति की अनुमति के बाद की जाएगी, जिसमें स्थानीय सचिव, गांव अधिकारी और वन विभाग के अधिकारी शामिल होंगे।

स्वास्थ्य विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया

स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने सभी जिलों और अस्पतालों में उच्च सतर्कता का आदेश दिया है क्योंकि बारिश के कारण पानी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण सलाह:

  • केवल उबला हुआ या शुद्ध जल ही पीएं।
  • गंदे और जमा हुए पानी में न चलें या बच्चे न खेलें।
  • यदि पानी में जाना आवश्यक हो तो साबुन से हाथ और पैर अच्छी तरह धोएं।
  • लेप्टोस्पाइरोसिस (चूहा बुखार) से बचाव के लिए डॉक्टर से दवाइयां, जैसे डॉक्सीcycline, लें।
  • बच्चों को बाढ़ के पानी से दूर रखें।

मच्छरों और पानी से फैलने वाली बीमारियों से बचाव

मंत्री वीणा जॉर्ज ने साफ-सफाई और मच्छर नियंत्रण के उपायों पर ज़ोर दिया है:

  • मच्छर के पनपने वाले स्थान खत्म करें।
  • साफ-सफाई करते समय गमबूट्स और दस्ताने पहनें।
  • दस्त, पीलिया, टाइफाइड जैसी बीमारियों से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाएं।
  • पीलिया से प्रभावित मरीज खाना न बनाएं और अपने कपड़े साझा न करें।
  • खाना खाने से पहले और टॉयलेट इस्तेमाल के बाद हाथ साबुन से धोएं।

बारिश के दौरान सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

  • मौसम के अपडेट नियमित रूप से देखें।
  • बाढ़ वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।
  • पीने और खाने के लिए केवल उबला हुआ पानी ही इस्तेमाल करें।
  • स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें।

केरल की मानसून स्थिति से जुड़ी अन्य खबरें

  • बारिश ने गति पकड़ ली है और इस बार मानसून जल्दी शुरू होने का संकेत मिल रहा है।
  • राज्य के अन्य जिलों में भी बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन सक्रिय है।

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