BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अब भारत वैश्विक स्तर पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट करने की तैयारी में है। इस अभियान के तहत भारत सरकार ने विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के नेताओं को एक मंच पर लाकर दुनिया को यह दिखाने का निर्णय लिया है कि आतंकवाद के विरुद्ध भारत एकजुट है।
इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सांसद डॉ. शशि थरूर को अमेरिका में भारत का प्रतिनिधित्व करने की महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी सौंपी है। थरूर एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की भूमिका को उजागर करेंगे और भारत का पक्ष मजबूती से रखेंगे।
देश की एकता का प्रतीक बनेगा यह दौरा
विदेशों में भारत की स्थिति स्पष्ट करने के लिए संसदीय कार्य मंत्रालय ने 8 देशों में जाने वाले संसदीय प्रतिनिधिमंडलों की योजना बनाई है। हर प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों को शामिल किया गया है, ताकि यह दर्शाया जा सके कि आतंक के खिलाफ भारत की लड़ाई राजनीतिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय है।
इन सांसदों को सौंपा गया प्रतिनिधित्व:
- शशि थरूर (कांग्रेस) – संयुक्त राज्य अमेरिका
- विजयंत जय पांडा (भाजपा) – पूर्वी यूरोप
- कनिमोझी (DMK) – रूस
- संजय झा (JDU) – दक्षिण पूर्व एशिया
- रविशंकर प्रसाद (भाजपा) – मध्य एशिया
- सुप्रिया सुले (NCP) – पश्चिम एशिया
- श्रीकांत शिंदे (शिवसेना – शिंदे गुट) – अफ्रीकी देश
क्या है प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य?
इन सांसदों का मिशन वैश्विक स्तर पर यह बताना होगा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद ने भारत की संप्रभुता पर हमला किया है और भारत ने कैसे संतुलित, न्यायोचित और ठोस जवाब देकर अपने नागरिकों की रक्षा की।
ये प्रतिनिधि विदेशी सरकारों, थिंक टैंकों, मीडिया हाउसेज़ और नीति-निर्माताओं से मुलाकात कर भारत का दृष्टिकोण साझा करेंगे। उनका फोकस इस पर रहेगा कि भारत की यह कार्रवाई न केवल आवश्यक थी, बल्कि वैधानिक और आत्मरक्षा के अंतर्गत थी।
22 मई से शुरू होंगे विदेश दौरे
पहले चरण में लगभग 43 से 45 सांसदों को इस अभियान में शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख नामों में शामिल हैं:
- अनुराग ठाकुर, बृजलाल, तेजस्वी सूर्या, अपराजिता सारंगी, राजीव प्रताप रूडी, डी पुरंदेश्वरी (सभी भाजपा)
- मनीष तिवारी, अमर सिंह (कांग्रेस)
- प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना – उद्धव गुट)
- असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM)
- सस्मित पात्रा (BJD)
- जॉन बिट्स (CPI-M)
- समिक भट्टाचार्य (भाजपा)
- और अन्य प्रमुख नेता
राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट भारत
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विपक्ष और सरकार दोनों की एक आवाज़ में प्रतिक्रिया ने देश को यह संदेश दिया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर भारत पूरी तरह एकजुट है। यह विदेश नीति की दिशा में एक नया प्रयोग है, जिसमें सभी दलों के प्रतिनिधियों को साथ लेकर भारत एक सशक्त राष्ट्र की छवि दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा।





