प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सीधी के सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और उनके परिवार से मुलाकात की। इस दौरान सांसद ने पीएम को सीधी के संजय टाइगर रिजर्व की एक खूबसूरत तस्वीर भेंट की। तस्वीर में बाघों को उछल-कूद करते हुए दिखाया गया था।
सीधी के पेड़े का स्वाद चखा
मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने सीधी के प्रसिद्ध चौपाल के पेड़े का स्वाद चखा। यह पेड़ा पूरे मध्य प्रदेश में मशहूर है। दूर-दूर से लोग इसे खरीदने आते हैं।

मादर वाद्य यंत्र से खुश हुए पीएम
सांसद ने पीएम को सीधी की लोक संस्कृति का प्रतीक मादर वाद्य यंत्र भी भेंट किया। यह वाद्य यंत्र नृत्य के समय बजाया जाता है। पीएम मोदी इसे देखकर काफी खुश हुए। उन्होंने कहा कि ऐसी पुरानी परंपराओं को बचाने की जरूरत है।
सीधी के विकास के लिए ये मांगें रखीं
सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने पीएम से सीधी के विकास के लिए कई अहम मांगें रखीं:
- मनकीसर में कृषि अनुसंधान संस्थान – सीधी के किसानों को आधुनिक खेती के तरीके सिखाने के लिए।
- सिंगरौली के देवसर में केंद्रीय विद्यालय – दूरदराज के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके।
- बाणसागर डैम में जलसेना प्रशिक्षण केंद्र – यहां पर्याप्त जलक्षेत्र और सरकारी जमीन उपलब्ध है।
पीएम मोदी ने इन मांगों पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सीधी की खासियतें
सांसद ने पीएम को बताया कि सीधी में कई ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल हैं, जैसे:
- दुबरी – यहां सफेद शेर “मोहन” पहली बार देखा गया था।
- चंद्रेह शिव मंदिर – प्राचीन मंदिर जो काफी प्रसिद्ध है।
- मां चंडी धाम घोघरा – यहां बीरबल का जन्मस्थान भी है।
सीधी खनिज संपदा से भी भरपूर है, लेकिन यहां विकास की और जरूरत है।
निष्कर्ष
यह मुलाकात सीधी के विकास के लिए अहम साबित हो सकती है। पीएम मोदी ने सांसद की बातें ध्यान से सुनीं और आश्वासन दिया कि जल्द ही कदम उठाए जाएंगे।
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