भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा में ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को लेकर गर्मागर्म बहस छिड़ गई है। कांग्रेस विधायक फुंदेलाल मार्को ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के साढ़े 6 लाख कर्मचारियों के बुढ़ापे का सहारा छीन रही है। उन्होंने सदन में मांग की कि सरकार ओल्ड पेंशन स्कीम को फिर से लागू करे, ताकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके बुढ़ापे में आर्थिक सहारा मिल सके।

ओपीएस को लेकर क्यों है विवाद?
फुंदेलाल मार्को ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को संबोधित करते हुए कहा, “एक व्यक्ति सालों तक सेवा देने के बाद रिटायर होता है, लेकिन सरकार ने उसके बुढ़ापे का सहारा ही छीन लिया। ओपीएस बंद करने से सरकार को फायदा हो सकता है, लेकिन कर्मचारियों के लिए यह एक बड़ा झटका है। रिटायरमेंट के बाद पेंशन ही उनका एकमात्र सहारा होती है।”
कर्मचारी संगठन भी कर रहे हैं मांग
ओल्ड पेंशन स्कीम को फिर से लागू करने की मांग को लेकर कर्मचारी संगठन भी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि नई पेंशन स्कीम (NPS) के तहत कर्मचारियों को पर्याप्त लाभ नहीं मिल रहा है। इस मुद्दे को लेकर कर्मचारी संगठन सरकार पर दबाव बना रहे हैं, और अब यह मामला विधानसभा में भी पहुंच गया है।
महंगाई भत्ते में भी नहीं हुई बढ़ोतरी
इस बजट सत्र में मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को उम्मीद थी कि सरकार महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी करेगी। लेकिन ऐसा नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा, “कर्मचारियों को उम्मीद थी कि सरकार जुलाई 2024 से 3% DA और DR बढ़ाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।”
12 साल से नहीं बढ़े कई भत्ते
उमाशंकर तिवारी ने आगे बताया कि कर्मचारियों को गृह भाड़ा, वाहन भत्ता, यात्रा भत्ता, वर्दी भत्ता, आदिवासी भत्ता और विकलांग भत्ता जैसे कई भत्ते 12 साल से नहीं मिले हैं। सरकार ने इन भत्तों को 1 अप्रैल 2025 से बढ़ाने की बात कही है, लेकिन इससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान होगा।
क्या है ओल्ड पेंशन स्कीम का मुद्दा?
ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) के तहत कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद उनके अंतिम वेतन के 50% की पेंशन मिलती थी। लेकिन नई पेंशन स्कीम (NPS) में यह सुविधा खत्म कर दी गई है। इससे कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों की मांग:
- ओल्ड पेंशन स्कीम को फिर से लागू किया जाए।
- महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में तुरंत बढ़ोतरी की जाए।
- 12 साल से रुके हुए भत्तों को तुरंत बढ़ाया जाए।
सरकार का रुख:
अभी तक सरकार ने इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है। हालांकि, विपक्ष और कर्मचारी संगठन लगातार सरकार पर दबाव बना रहे हैं।
निष्कर्ष:
मध्य प्रदेश के कर्मचारियों की मांग है कि सरकार उनके हितों को ध्यान में रखते हुए ओल्ड पेंशन स्कीम को फिर से लागू करे और उनके भत्तों में बढ़ोतरी करे। अगर सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, तो कर्मचारियों का आक्रोश और बढ़ सकता है।




