मध्य प्रदेश में भारतीय नियंत्रक महालेखापरीक्षक (CAG) की एक नई रिपोर्ट ने राज्य के सरकारी मुआवजे के वितरण में बड़ी गड़बड़ी का पर्दाफाश किया है। इस रिपोर्ट में यह सामने आया है कि कई अधिकारियों ने सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली मुआवजा राशि को अपने रिश्तेदारों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया। ये सभी मामले विशेष रूप से श्रमिक कल्याण योजनाओं से जुड़े हुए थे, और इसमें सरकार को काफी नुकसान हुआ।

कैग रिपोर्ट का बड़ा खुलासा
CAG रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी मुआवजा राशि जैसे कि श्रमिकों की अंत्येष्टि सहायता और अनुग्रह राशि, जो पंजीकृत श्रमिकों के परिवारों को मिलनी चाहिए थी, उन राशि को उनके परिवारों के बजाय दूसरे व्यक्तियों के खातों में जमा कर दिया गया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अधिकारियों ने अनाधिकृत बैंक खातों में एक करोड़ से ज्यादा रुपये जमा कर दिए।
गलत तरीके से ट्रांसफर हुए 23 करोड़ रुपये
इतना ही नहीं, राज्य में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावितों को दिए जाने वाले मुआवजे में भी गड़बड़ी की गई। CAG ने बताया कि 2018 से 2022 के बीच 23 करोड़ 81 लाख रुपये के मुआवजे का गलत तरीके से वितरण किया गया। यह राशि कर्मचारियों और उनके रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई थी, जोकि पूरी तरह से गैरकानूनी था। इसके लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए गए थे।
शासकीय भूमि के पट्टे में भी घोटाला
रिपोर्ट में एक और घोटाले का खुलासा हुआ, जिसमें इंदौर के ग्राम बांगड़दा में एक चैरिटेबल ट्रस्ट को शासकीय भूमि का आवंटन किया गया। प्रारंभिक प्रीमियम और वार्षिक पट्टा किराया बहुत ही कम रखकर इस प्रक्रिया से सरकार को 4 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस तरह की लापरवाही और भ्रष्टाचार से राज्य की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है।
सभी योजनाओं में जांच की संभावना
CAG की रिपोर्ट का कहना है कि यह सिर्फ एक सैंपल जांच थी, और आगे की जांच में और भी गड़बड़ियों का खुलासा हो सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अगर सभी योजनाओं की पूरी जांच की जाती है, तो शायद और भी बड़े घोटाले सामने आ सकते हैं।
क्या है इस घोटाले का असर?
यह घोटाला सरकारी योजनाओं और मुआवजे के वितरण की पारदर्शिता और ईमानदारी पर सवाल उठाता है। इससे उन लोगों का विश्वास भी डगमगा सकता है जो सरकारी सहायता का लाभ उठाने के लिए सही तरीके से आवेदन करते हैं। इस प्रकार की गड़बड़ियों के कारण सरकारी धन का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की समस्या और बढ़ सकती है।
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