भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे उमरान मलिक एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार कारण उनकी चोट है। 25 साल के इस तेज गेंदबाज को कभी भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जाता था, पर अब वह चोट के चलते IPL 2025 से बाहर हो गए हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें IPL मेगा नीलामी में 75 लाख रुपये में खरीदा था, उम्मीद थी कि वह 2022 के अपने शानदार प्रदर्शन को दोहराएंगे। लेकिन बार-बार की चोटों ने उनके करियर पर गहरा असर डाला है।
2022 का सुनहरा साल और डेल स्टेन का साथ
तीन साल पहले, उमरान ने सनराइजर्स हैदराबाद के लिए IPL में धमाल मचाया था। उस सीजन में उन्होंने 22 विकेट लिए और भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई। इस दौरान दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज तेज गेंदबाज डेल स्टेन उनके कोच थे। स्टेन ने उमरान को “फरारी” कहा था, क्योंकि उनकी रफ्तार बल्लेबाजों को हैरान कर देती थी। स्टेन के मार्गदर्शन में उमरान ने अपनी प्रतिभा को निखारा, लेकिन एक मजेदार किस्सा भी सामने आया।
“धीमी गेंद फेंको” की सलाह और उमरान का जवाब
IPL के एक मैच में स्टेन ने देखा कि उमरान धीमी गेंदों का कम इस्तेमाल करते थे। टीम के वरिष्ठ गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार हर चार ओवर में 12 धीमी गेंदें फेंकते थे, जबकि उमरान ऐसा बहुत कम करते थे। स्टेन ने उन्हें सलाह दी कि वह अपने गेंदबाजी में विविधता लाएं और धीमी गेंदों का प्रयोग करें। उमरान ने इस सलाह को सुना और सहमति जताई। लेकिन एक मैच में, जब धीमी गेंद फेंकने का सही समय था, उमरान ने कुछ और ही किया।
स्टेन ने बताया, “मैंने मुरली (सनराइजर्स के सहायक कोच मुथैया मुरलीधरन) से कहा कि शायद वह धीमी गेंद फेंकेगा। लेकिन उमरान ने दौड़कर 155 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एक यॉर्कर फेंकी और स्टंप उड़ा दिए।” कैमरा स्टेन और मुरली की ओर मुड़ा, मानो यह कोचों की रणनीति हो। स्टेन हंसते हुए बोले, “कभी-कभी असली मास्टर वही होता है जो मैदान पर खेल रहा होता है। मैंने धीमी गेंद की सलाह दी, लेकिन उमरान ने अपनी ताकत दिखाई। उसने मुझे गलत साबित कर दिया।”
चोटों ने बदला करियर का रुख
उमरान की तेजी और जोश के दिन अब यादों में सिमट गए हैं। हाल के सालों में चोट और फिटनेस की समस्याओं ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया है। IPL 2023 में वह सिर्फ पांच विकेट ले सके, और पिछले सीजन में तो एक भी विकेट नहीं मिला। इन मुश्किलों ने उनके करियर को पटरी से उतार दिया।
टीम की जरूरतें सबसे ऊपर: स्टेन का नजरिया
डेल स्टेन का मानना है कि खिलाड़ियों को अपनी व्यक्तिगत प्रतिभा से आगे बढ़कर टीम के हित को देखना चाहिए। उन्होंने कहा, “IPL जैसे बड़े मंच पर, जहां 60,000 दर्शक चीख रहे होते हैं, आप 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकना चाहते हैं। यह शानदार है, लेकिन अगर यह टीम की योजना के खिलाफ जाता है, तो आप 60-70 रन लुटा सकते हैं। इससे न टीम को फायदा होता है, न ही आपको।” स्टेन के मुताबिक, उमरान को अपनी गेंदबाजी में संतुलन लाने की जरूरत है।
उमरान मलिक की कहानी प्रतिभा, मेहनत और चुनौतियों का मिश्रण है। डेल स्टेन के साथ उनका वह मजेदार किस्सा उनकी जिद और कौशल को दर्शाता है, लेकिन चोटों ने उनके करियर को मुश्किल में डाल दिया। क्या वह वापसी कर पाएंगे? यह सवाल क्रिकेट प्रशंसकों के मन में बना हुआ है।





