तेंदूखेड़ा: दमोह जिले में अवैध शराब का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है, जिससे आमजन का जीवन प्रभावित हो रहा है। लगातार गांव-गांव में अवैध शराब की दुकानें संचालित हो रही हैं, जिनकी मोटी कमाई अधिकारियों तक पहुंचने की बात सामने आ रही है।
इसी कड़ी में, भगवती मानव कल्याण संगठन जोकि गुरुवर के नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत कार्यरत है, ने एक बार फिर अपनी जान जोखिम में डालकर अवैध शराब पकड़वाने में अहम भूमिका निभाई।

रात के अंधेरे में पकड़ाया शराब माफिया
देर रात तेंदूखेड़ा थाना अंतर्गत संचालित शराब दुकान से सुबह तीन बजे शिफ्ट कार में 8 पेटी अवैध शराब सैलवाड़ा की ओर ले जाई जा रही थी। संगठन के सदस्यों को इसकी गुप्त सूचना मिली, जिसके बाद उन्होंने 27 मील के पास घेरा बनाकर वाहन को पकड़ लिया।
आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने की कार्यवाही
संगठन द्वारा पकड़वाए गए इस वाहन में मौजूद दो आरोपियों राकेश ठाकुर और गोपाल शर्मा को पुलिस ने मौके पर हिरासत में ले लिया। उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस द्वारा विवेचना की जा रही है।
शासन की भूमिका पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन और शासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार अवैध शराब की बिक्री और परिवहन यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं शराब माफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है। यदि समय रहते इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो इसका दुष्प्रभाव समाज और युवाओं पर गहराई से पड़ सकता है।
भगवती मानव कल्याण संगठन की सराहनीय पहल
भगवती मानव कल्याण संगठन पिछले कई वर्षों से नशा मुक्ति अभियान के तहत अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ संघर्षरत है। संगठन के सदस्यों द्वारा अपनी जान जोखिम में डालकर प्रशासन की निष्क्रियता के बावजूद नशा कारोबारियों का पर्दाफाश किया जा रहा है।
इस घटना के बाद इलाके में अवैध शराब के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। प्रशासन को चाहिए कि वह ऐसे संगठनों का सहयोग करते हुए अवैध शराब माफियाओं पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।





