रतलाम : मलवासा क्षेत्र में एक मेडिकल स्टोर के अंदर अवैध रूप से क्लीनिक संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जहां फार्मासिस्ट लोगों का इलाज करता मिला। जांच के दौरान वहां से कुछ ऐसी दवाइयां बरामद हुईं, जिनकी बिक्री का अधिकार उसके पास नहीं था। साथ ही, बायोमेडिकल वेस्ट भी पाया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ डॉ. एमएस सागर ने जिला स्तरीय टीम गठित कर जांच के आदेश दिए। मंगलवार को जांच टीम मलवासा स्थित पटेल मेडिकल व जनरल स्टोर पर पहुंची, जिसका संचालन एहसान अली और अली हुसैन, निवासी एवरिया, कर रहे थे। मेडिकल स्टोर के निरीक्षण में संचालक के पास वैध लाइसेंस पाया गया, लेकिन स्टोर के पीछे एहसान अली द्वारा एक क्लीनिक संचालित किया जा रहा था। यहां मरीजों के इलाज के लिए तीन बेड मिले।
कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन
जांच के दौरान एहसान अली के पास जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (GNM) ट्रेनिंग का प्रमाण-पत्र मिला, लेकिन वह डॉक्टर होने का कोई वैध प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। न ही उसके पास मध्य प्रदेश मेडिकल काउंसिल का पंजीयन था। इसके अलावा, बायोमेडिकल वेस्ट अधिनियम 2016 व 2018 के नियम-4 और नर्सिंग होम एक्ट के तहत अस्पताल का वैध पंजीकरण भी नहीं पाया गया।
मेडिकल स्टोर सील, पुलिस में मामला दर्ज
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से उपलब्ध दवाइयां जब्त कर पंचनामा तैयार किया और नामली थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने एहसान अली के खिलाफ आयुर्वेदिक परिषद अधिनियम 1987 की धारा 24 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है।
टीम में शामिल अधिकारी
इस कार्रवाई में मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रणव मोदी, बिलपांक बीएमओ डॉ. राजेश मंडलोई और जिला विस्तार एवं माध्यम अधिकारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। मामले की जांच जारी है, और प्रशासन इस अवैध क्लीनिक के संचालन में शामिल अन्य व्यक्तियों पर भी कार्रवाई कर सकता है।

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