नई दिल्ली; संसद के बजट सत्र 2025 के दूसरे चरण की कार्यवाही शुरू होते ही विवादों और हंगामे से घिर गई। लोकसभा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री की टिप्पणी पर डीएमके सांसदों ने नाराजगी जताई और सदन से वॉकआउट कर दिया। इस सत्र के दौरान वक्फ संशोधन विधेयक पर सबकी नजरें टिकी हैं, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल पहले ही मंजूरी दे चुका है। इसके अलावा, ईपीआईसी मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव की संभावना है।
लोकसभा में उठे अहम मुद्दे
यूपी के पत्रकार हत्याकांड का मामला गूंजा
लोकसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद ने उत्तर प्रदेश में एक युवा पत्रकार की हत्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इसे राज्य का मामला बताते हुए कहा कि इसे उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष उठाया जाना चाहिए।
राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट पर चर्चा की मांग की
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मतदाता सूची से संबंधित मुद्दा उठाते हुए इस पर बहस की मांग की। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने भी इस विषय पर चर्चा कराने की अपील की।
कपिल सिब्बल का चुनाव आयोग पर हमला
राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा, “चुनाव आयोग सरकार के नियंत्रण में है। अगर लोकतंत्र इसी तरह चलता रहा और चुनाव आयोग सत्ता पक्ष का पक्षधर बना रहा, तो चुनावी परिणाम भी पहले से तय माने जाएंगे। हमें वर्षों से इस पर संदेह है, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है।”
डीएमके सांसदों का विरोध और वॉकआउट
लोकसभा में हंगामे के बाद कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो डीएमके सांसद कनिमोझी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा उनकी पार्टी के सांसदों को असभ्य कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। विवाद बढ़ने पर मंत्री ने अपने बयान पर खेद जताया और कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही से मंत्री के विवादित बयान को हटाने का निर्देश दिया। हालांकि, डीएमके सांसद इससे असंतुष्ट रहे और विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर गए।
लोकसभा की कार्यवाही स्थगित
नए शिक्षा नीति और तीन-भाषा नीति को लेकर विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने डीएमके पर निशाना साधते हुए कहा था, “वे बेईमान हैं और तमिलनाडु के छात्रों के हितों के प्रति गंभीर नहीं हैं। वे केवल भाषाई राजनीति कर रहे हैं और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।” उनके इस बयान से सदन में हंगामा मच गया और कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
बजट सत्र का यह चरण विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहसों और टकराव का गवाह बन रहा है। वक्फ संशोधन विधेयक, ईपीआईसी मुद्दा, चुनाव आयोग की निष्पक्षता और शिक्षा नीति जैसे विषयों पर संसद में चर्चा के दौरान विपक्ष आक्रामक रुख अपनाए हुए है। आने वाले दिनों में सत्र के और भी उग्र होने की संभावना है।





