भोपाल: विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं के अभ्यास वर्ग के अंतर्गत 6 मार्च को ग्राम दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह अभ्यास वर्ग 3 से 8 मार्च तक सरस्वती विद्या मंदिर, शारदा विहार आवासीय विद्यालय में संचालित किया जा रहा है।
ग्राम दर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आसपास के 40 से अधिक गांवों का भ्रमण किया, जिनमें अधिकांश जनजातीय बहुल क्षेत्र थे। इस यात्रा का उद्देश्य भारतीय संस्कृति की जड़ों को समझना, ग्रामीण समाज की आवश्यकताओं को करीब से अनुभव करना और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना था।

इस दौरान कार्यकर्ताओं ने विद्या भारती द्वारा संचालित संस्कार केंद्रों का अवलोकन किया। ये केंद्र शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता, स्वच्छता, जैविक खेती, कुरीतियों के उन्मूलन और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने का कार्य कर रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से जनजातीय समुदायों में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से देखने को मिले।

ग्रामवासियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कार्यकर्ताओं का आत्मीय स्वागत किया। रंगोली, तोरण द्वार, कलश और तिलक से सजे इस अभिनंदन समारोह ने भारतीय संस्कृति की अतिथि सत्कार परंपरा को दर्शाया। संस्कार केंद्रों में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जागरूकता से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जो इन केंद्रों की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।

इस अवसर पर 350 से अधिक जनजातीय परिवारों ने कार्यकर्ताओं के लिए पारिवारिक भोजन की व्यवस्था की, जिससे सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत हुआ।
इस कार्यक्रम में विद्या भारती के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पदाधिकारी भी शामिल रहे। कार्यकर्ताओं ने इस अनुभव यात्रा से ग्रामीण समाज की वास्तविकताओं को समझते हुए संस्कार केंद्रों के माध्यम से सेवा कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।
बिजली कटौती और लो वोल्टेज से परेशान ग्रामीणों ने किया चक्काजाम..यह भी पढ़े





