BY: Yoganand Shrivastva
Lakshmi Puja Muhurat रोशनी, खुशियों और समृद्धि का पर्व दीपावली इस साल 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाया जाएगा। कार्तिक मास की अमावस्या तिथि पर मनाए जाने वाले इस त्योहार में घरों और प्रतिष्ठानों को दीपों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाता है। दिवाली पर विशेष रूप से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। मान्यता है कि विधि-विधान से पूजन करने पर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।
दिवाली के दिन सुबह धार्मिक परंपराओं के अनुसार अभ्यंग स्नान किया जाता है, जबकि मुख्य लक्ष्मी-गणेश पूजन शाम को शुभ मुहूर्त में किया जाता है। पंचांग के अनुसार अलग-अलग शहरों में पूजा के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।
सुबह 6 बजे के आसपास अभ्यंग स्नान, शाम को लक्ष्मी पूजन
Lakshmi Puja Muhurat दिवाली के दिन 8 नवंबर को सुबह अभ्यंग स्नान का समय नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार सुबह 5:41 बजे से 6:38 बजे तक बताया गया है। इस दौरान तिल के तेल से मालिश कर स्नान करने की परंपरा है। इसे नरक चतुर्दशी और रूप चौदस से जुड़ी धार्मिक परंपरा के रूप में भी देखा जाता है।
वहीं, मुख्य दिवाली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा शाम को प्रदोष काल में की जाती है। भोपाल के लिए उपलब्ध पंचांग के अनुसार लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 6:03 बजे से रात 8:01 बजे तक है। पूजा का समय अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार भी देख लेना चाहिए।
लक्ष्मी-गणेश पूजन की सरल विधि
Lakshmi Puja Muhurat दिवाली की पूजा से पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। पूजा चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद दीपक जलाकर पूजा का संकल्प लें।
सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें। उन्हें फूल, अक्षत, दूर्वा और मोदक अर्पित करें। इसके बाद माता लक्ष्मी को कमल या अन्य पुष्प, फल, मिठाई, धूप और दीप अर्पित करें। पूजा के दौरान लक्ष्मी-गणेश मंत्रों का जाप करें और अंत में आरती कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।
पूजा पूरी होने के बाद घर के मुख्य द्वार, आंगन और अन्य स्थानों पर दीपक जलाएं। परंपरा के अनुसार घर में स्वच्छता और सकारात्मक वातावरण बनाए रखना भी शुभ माना जाता है।
पूजा के लिए पहले से तैयार रखें ये सामग्री
Lakshmi Puja Muhurat दिवाली पूजन के लिए रोली, अक्षत, हल्दी, कुमकुम, फूल, माला, फल, मिठाई, पान, सुपारी, नारियल, कलश, धूप, कपूर, घी या तेल के दीपक और पूजा की थाली तैयार रखें। माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा के साथ बही-खाता या धन-संबंधी वस्तुओं का पूजन करने की भी परंपरा है।
दिवाली के अवसर पर लोग अपने घरों को रंगोली, फूलों और दीपों से सजाते हैं। बाजारों में भी मिठाइयों, सजावटी सामान और पूजा सामग्री की खरीदारी को लेकर रौनक रहती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने से परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।


