BY: Yoganand Shrivastva
India China Border Dispute भारत और चीन की वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर एक बार फिर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने जानकारी दी कि अरुणाचल प्रदेश के कई अग्रिम इलाकों में भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने हैं। इनमें से कुछ स्थानों पर अब भी गतिरोध बना हुआ है। सीमा पर चीनी गतिविधियों को देखते हुए भारतीय बल पूरी सतर्कता बरत रहे हैं, और हाल ही में गठित विशेष ‘शौर्य कमांडो’ टीम ने विपरीत परिस्थितियों में बेहतरीन परिचालन कौशल दिखाया है।
बल को मजबूत करने की रणनीति: विशेष कमांडो बटालियन का गठन
India China Border Dispute चीन की चालाकियों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए आईटीबीपी अपने ढांचे को और अधिक मजबूत कर रही है। सीमा सुरक्षा को पुख्ता करने के उद्देश्य से प्रत्येक बटालियन में एक पूरी कमांडो कंपनी तैयार की जा रही है। इसके साथ ही, पूरी तरह से कमांडो ऑपरेशन्स को समर्पित एक अलग और विशिष्ट बटालियन के गठन की योजना पर भी तेज़ी से काम चल रहा है, जिसकी रूपरेखा जल्द ही अंतिम रूप ले लेगी।
आधुनिक युद्ध और ड्रोन तकनीक: 2030 तक का व्यापक आधुनिकीकरण प्लान
India China Border Dispute बदलते युद्धक परिदृश्य और रूस-यूक्रेन संघर्ष का हवाला देते हुए आईटीबीपी प्रमुख ने ड्रोन तकनीक को एक बड़ा ‘इक्वलाइज़र’ (समानता लाने वाला साधन) बताया। उन्होंने कहा कि सीमा पर किसी भी हवाई या तकनीकी खतरे से निपटने के लिए हर प्लाटून में ड्रोन यूनिट गठित की जाएगी और जवानों को विशेष पायलट ट्रेनिंग दी जा रही है। इसके अलावा, वर्ष 2030 तक आईटीबीपी के आधुनिकीकरण के तहत लगभग 1,000 करोड़ रुपये केवल ड्रोन, एंटी-ड्रोन सिस्टम, ऑल-टेरेन व्हीकल्स और अत्याधुनिक गोला-बारूद पर खर्च किए जाएंगे।


