Bhopal: राजधानी भोपाल के करुणाधाम आश्रम, नेहरू नगर में मध्यप्रदेश की पहली पंचमुखी महाकाली के रूप में प्रतिष्ठित मां ‘बड़ी अम्मा’ का भव्य आगमन हुआ। माता मंदिर चौराहे पर स्वागत के बाद मां की विशाल प्रतिमा देर रात विभिन्न मार्गों से होते हुए करुणाधाम आश्रम पहुंची। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर स्वागत समारोह में हिस्सा लिया।
मां बड़ी अम्मा की 21 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। धार्मिक आस्था और उत्साह के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में करुणाधाम के पीठाधीश्वर श्री सुदेश जी शांडिल्य महाराज सहित बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूद रहे। मां के आगमन पर विशेष स्वागत और भक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
Bhopal: करुणाधाम आश्रम में भक्तों ने किया मां बड़ी अम्मा का स्वागत
मां बड़ी अम्मा के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। माता मंदिर चौराहे पर भव्य स्वागत के बाद मां की प्रतिमा को धूमधाम से करुणाधाम आश्रम, नेहरू नगर लाया गया। आश्रम पहुंचने पर भी भक्तों ने मां का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान बारेलाल बैंड की विशेष प्रस्तुति ने आयोजन को और आकर्षक बनाया।
कार्यक्रम में पीठाधीश्वर श्री सुदेश जी शांडिल्य महाराज के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। भक्तिमय माहौल में मां के स्वागत के दौरान लोगों ने अपनी धार्मिक आस्था व्यक्त की। मध्यप्रदेश की पहली पंचमुखी महाकाली के रूप में प्रतिष्ठित मां बड़ी अम्मा की 21 फीट ऊंची प्रतिमा दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण बनी रहेगी।
Bhopal: नौ रातें, नौ रंग और मां के नौ दिव्य रूपों की होगी आराधना
करुणाधाम आश्रम की युवा समिति के अध्यक्ष श्री शाश्वत शांडिल्य ने बताया कि मां बड़ी अम्मा की आराधना नौ रातों तक विशेष रूप से की जाएगी। इस दौरान नौ रंगों और मां के नौ दिव्य रूपों के साथ आरती एवं पूजन का आयोजन होगा। इन धार्मिक कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं को भक्ति और साधना से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
मां बड़ी अम्मा के आगमन के साथ ही करुणाधाम आश्रम में अगले नौ दिनों तक श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहेगा। आयोजन में बड़ी संख्या में भक्तों की सहभागिता रहने की उम्मीद है। मां की विशाल प्रतिमा के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु आश्रम पहुंचेंगे। यह आयोजन भोपाल में धार्मिक आस्था और मां की उपासना का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है।


