Aaj ka Panchang: 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस दिन देशभर में गांधी जयंती मनाई जाएगी। इसके साथ ही हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि का प्रभाव रहेगा, जिसके बाद सप्तमी तिथि शुरू होगी। दिन के दौरान मृगशिरा नक्षत्र और व्यतीपात योग का प्रभाव रहेगा। पंचांग के अनुसार इस दिन रोहिणी व्रत और श्राद्ध से जुड़े कर्म भी किए जाएंगे।
धार्मिक मान्यताओं में आश्विन मास की कृष्ण पक्ष की तिथियों का विशेष महत्व बताया गया है। पितरों के निमित्त किए जाने वाले श्राद्ध और तर्पण के कारण भी यह समय महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में 2 अक्टूबर को पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और दान-पुण्य के लिए लोग अपनी परंपरा के अनुसार दिन का उपयोग कर सकते हैं।
2 October 2026: 2 अक्टूबर को कौन सा दिन और कौन सा पर्व है
2 अक्टूबर 2026 को शुक्रवार है। इस दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के रूप में गांधी जयंती मनाई जाएगी। इसके अलावा पंचांग में रोहिणी व्रत तथा षष्ठी और सप्तमी श्राद्ध का उल्लेख मिलता है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने के कारण भी महत्वपूर्ण है।
गांधी जयंती देश के प्रमुख राष्ट्रीय दिवसों में शामिल है। इस दिन महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और स्वच्छता से जुड़े विचारों को याद किया जाता है। वहीं धार्मिक परंपराओं में पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए श्राद्ध और तर्पण का विशेष महत्व माना जाता है।
2 October 2026: इस दिन कौन सी तिथि रहेगी
पंचांग के अनुसार 2 अक्टूबर की शुरुआत कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि से होगी। यह तिथि सुबह करीब 10:16 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि शुरू होगी। इस वजह से दिन के अलग-अलग समय पर षष्ठी और सप्तमी दोनों तिथियों का प्रभाव रहेगा।
तिथि के आधार पर पूजा, व्रत और श्राद्ध से जुड़े धार्मिक कार्यों का समय निर्धारित किया जाता है। इसलिए किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग और परंपरा के अनुसार समय देखना उचित माना जाता है।
2 October 2026: नक्षत्र, योग और करण की स्थिति
2 अक्टूबर को मृगशिरा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार मृगशिरा नक्षत्र रात करीब 2:56 बजे तक रहने के बाद अगले नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा। इस दिन व्यतीपात योग शाम करीब 6:17 बजे तक रहेगा। करण की बात करें तो वणिज करण सुबह 10:16 बजे तक प्रभावी रहेगा।
ज्योतिषीय मान्यताओं में तिथि, नक्षत्र, योग और करण को पंचांग के पांच प्रमुख अंगों में शामिल किया जाता है। इन्हीं के आधार पर दिन के शुभ और अशुभ समय की गणना की जाती है।
2 October 2026: 2 अक्टूबर का पूरा पंचांग
2 अक्टूबर 2026 को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि सुबह 10:16 बजे तक रहेगी। वार शुक्रवार है। सूर्य की राशि कन्या और चंद्रमा की राशि वृषभ बताई गई है। ऋतु शरद रहेगी और अयन दक्षिणायन होगा। पंचांग के अनुसार इस दिन दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा, जबकि चंद्रमा का निवास दक्षिण दिशा में बताया गया है।
विक्रम संवत के अनुसार यह वर्ष 2083 और शक संवत के अनुसार 1948 है। अमांत गणना में भाद्रपद मास तथा पूर्णिमांत गणना में आश्विन मास माना गया है।
2 October 2026: शुभ मुहूर्त का समय
2 अक्टूबर को महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:24 बजे से दोपहर 12:10 बजे तक रहेगा। इस समय को परंपरागत रूप से शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए उपयोगी माना जाता है। हालांकि किसी भी मांगलिक या धार्मिक कार्य के लिए स्थानीय स्थान के अनुसार पंचांग देखना बेहतर रहता है।
दिन में राहुकाल सुबह 10:18 बजे से 11:47 बजे तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 7:19 बजे से 8:48 बजे तक और यमघंट काल दोपहर 2:45 बजे से शाम 4:14 बजे तक बताया गया है। परंपरागत ज्योतिष में इन अवधियों में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।
2 October 2026: सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
पंचांग गणना के अनुसार 2 अक्टूबर को सूर्योदय सुबह करीब 5:50 बजे और सूर्यास्त शाम करीब 5:44 बजे होगा। चंद्रोदय रात करीब 10:06 बजे तथा चंद्रास्त सुबह करीब 11:34 बजे बताया गया है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का वास्तविक समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। इसलिए पूजा, व्रत या किसी विशेष धार्मिक कर्म के लिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता देना उचित रहेगा।
2 October 2026: श्राद्ध और धार्मिक कार्यों का महत्व
आश्विन मास में पितरों को समर्पित श्राद्ध कर्म का विशेष महत्व माना जाता है। 2 अक्टूबर के पंचांग में षष्ठी और सप्तमी श्राद्ध का उल्लेख मिलता है। ऐसी स्थिति में जिन परिवारों में संबंधित तिथि के अनुसार श्राद्ध कर्म किया जाता है, वे अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार तर्पण, पिंडदान तथा अन्य कर्म कर सकते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार श्राद्ध पक्ष में पितरों का स्मरण, जल अर्पण और जरूरतमंद लोगों को भोजन या वस्तुओं का दान पुण्यकारी माना जाता है। हालांकि श्राद्ध की विधि परिवार और क्षेत्र की परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
2 October 2026: रोहिणी व्रत का भी है उल्लेख
2 अक्टूबर को पंचांग में रोहिणी व्रत भी दर्ज है। जैन परंपरा में रोहिणी व्रत का धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत और पूजा-अर्चना करते हैं।
किसी भी व्रत की सही विधि, पारण और पूजा का समय संबंधित संप्रदाय और स्थानीय परंपरा के अनुसार निर्धारित किया जाता है। इसलिए व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को अपनी परंपरा के अनुसार नियमों का पालन करना चाहिए।
2 October 2026: पूजा-पाठ में क्या कर सकते हैं
2 अक्टूबर को सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर पूजा स्थल की सफाई करने और अपनी श्रद्धा के अनुसार देवी-देवताओं का पूजन करने की परंपरा अपनाई जा सकती है। पितृ पक्ष से जुड़े कर्म करने वाले लोग अपने परिवार की परंपरा के अनुसार पितरों का स्मरण, तर्पण और दान कर सकते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, वस्त्र या अपनी क्षमता के अनुसार अन्य सामग्री का दान करना भी पुण्यकारी माना जाता है। पूजा के दौरान मंत्र जाप और ध्यान करने से मन को एकाग्र करने में सहायता मिल सकती है।
2 October 2026: दिशाशूल किस दिशा में रहेगा
पंचांग के अनुसार शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिशाशूल बताया गया है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार इस दिशा में यात्रा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। यदि यात्रा आवश्यक हो तो लोग अपनी पारिवारिक या स्थानीय धार्मिक परंपरा के अनुसार उपाय करते हैं।
दिशाशूल ज्योतिषीय पंचांग की पारंपरिक अवधारणा है। इसे धार्मिक मान्यता के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
2 October 2026: दिन का धार्मिक महत्व
2 अक्टूबर का दिन एक तरफ गांधी जयंती के कारण राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण है, वहीं दूसरी ओर आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की तिथि होने के कारण धार्मिक दृष्टि से भी विशेष है। इस दिन श्राद्ध, तर्पण, व्रत और पूजा-पाठ से जुड़े कई धार्मिक कर्म अपनी-अपनी परंपरा के अनुसार किए जा सकते हैं।
पंचांग के अनुसार तिथि, नक्षत्र और योग की स्थिति को ध्यान में रखकर दिन के शुभ समय का निर्धारण किया जाता है। ऐसे में 2 अक्टूबर को धार्मिक कार्य करने वाले श्रद्धालु अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार समय का चयन कर सकते हैं।
2 October 2026: जरूरी पंचांग जानकारी एक नजर में
2 अक्टूबर 2026 को शुक्रवार है। तिथि कृष्ण पक्ष षष्ठी सुबह 10:16 बजे तक और उसके बाद सप्तमी रहेगी। मृगशिरा नक्षत्र रात करीब 2:56 बजे तक रहेगा। व्यतीपात योग शाम 6:17 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:24 बजे से 12:10 बजे तक बताया गया है। राहुकाल सुबह 10:18 बजे से 11:47 बजे तक रहेगा। इस दिन गांधी जयंती, रोहिणी व्रत और षष्ठी-सप्तमी श्राद्ध से जुड़े उल्लेख पंचांग में मिलते हैं।
2 अक्टूबर 2026 से जुड़ी तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त की गणना स्थान के अनुसार बदल सकती है। इसलिए किसी बड़े धार्मिक अनुष्ठान, श्राद्ध या विशेष पूजा के लिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग या योग्य आचार्य से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।


