BJP Organizational Reshuffle : नई दिल्ली, भारतीय जनता पार्टी ने संगठन स्तर पर कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की ओर से 24 सितंबर 2026 को जारी सूची में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के संगठनात्मक पदों पर 24 नियुक्तियां की गई हैं। इनमें राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन), प्रदेश महामंत्री (संगठन), प्रदेश सह महामंत्री (संगठन) और संगठक के पद शामिल हैं।

BJP Organizational Reshuffle : मध्यप्रदेश में चंद्रशेखर को संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी
मध्यप्रदेश भाजपा संगठन में चंद्रशेखर को प्रदेश महामंत्री (संगठन) नियुक्त किया गया है। उनका केंद्र भोपाल रखा गया है। इससे पहले वे राजस्थान और तेलंगाना में संगठन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
वहीं शिवप्रकाश को राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) नियुक्त करते हुए मध्यप्रदेश के साथ आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और गोवा की संगठनात्मक जिम्मेदारी दी गई है। उनका केंद्र मुंबई निर्धारित किया गया है।
BJP Organizational Reshuffle : सतीश धोंड को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
सतीश धोंड को महाराष्ट्र में प्रदेश सह महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही उन्हें मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में जनजाति संपर्क से संबंधित जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। उनका केंद्र नागपुर रहेगा।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin ने निम्नलिखित नियुक्तियां की हैं।
— BJP (@BJP4India) September 24, 2026
ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। pic.twitter.com/d9t1BZaljr
BJP Organizational Reshuffle : अन्य राज्यों में भी बदलाव
पार्टी की सूची के अनुसार सौदान सिंह को बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी दी गई है। वी. सतीश को एससी-एसटी मोर्चा और संसदीय कार्यालय से संबंधित संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, गुजरात, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में संगठनात्मक पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं।
BJP Organizational Reshuffle : नियुक्तियों की प्रमुख सूची
- नाम नई जिम्मेदारी
- शिवप्रकाश राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) — आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और गोवा
- सौदान सिंह राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) — बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल
- चंद्रशेखर प्रदेश महामंत्री (संगठन) — मध्यप्रदेश
- अजय जामवाल प्रदेश महामंत्री (संगठन) — महाराष्ट्र
- भीखूभाई दलसानिया प्रदेश महामंत्री (संगठन) — बिहार
- पवन साई प्रदेश महामंत्री (संगठन) — झारखंड
- सिद्धार्थन प्रदेश महामंत्री (संगठन) — हिमाचल प्रदेश
- रत्नाकर प्रदेश महामंत्री (संगठन) — गुजरात एवं दादरा नगर हवेली और दमन एवं दीव
- फणीन्द्रनाथ शर्मा प्रदेश महामंत्री (संगठन) — उत्तराखंड
- पवन राणा प्रदेश महामंत्री (संगठन) — दिल्ली एवं हरियाणा
- कर्मवीर प्रदेश महामंत्री (संगठन) — छत्तीसगढ़
- धर्मपाल प्रदेश महामंत्री (संगठन) — उत्तर प्रदेश
- अमिताभ चक्रवर्ती प्रदेश महामंत्री (संगठन) — पश्चिम बंगाल
- मानस मोहंती प्रदेश महामंत्री (संगठन) — ओडिशा
पार्टी की ओर से जारी नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने की जानकारी रिपोर्टों में दी गई है।
BJP Organizational Reshuffle : संपादकीय नजरिया
भारतीय राजनीति में चुनाव केवल मतदान के दिन नहीं लड़े जाते, बल्कि संगठन की तैयारियां महीनों पहले शुरू हो जाती हैं। बीजेपी की हालिया संगठनात्मक नियुक्तियां इसी राजनीतिक कार्यशैली की ओर संकेत करती हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में 24 नेताओं को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। कई राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है, जिससे पार्टी का संगठनात्मक ढांचा नए सिरे से सक्रिय होता दिखाई देता है।
बीजेपी की राजनीति में संगठन को चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। इसलिए नेतृत्व में बदलाव के बाद राज्यों की जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आगामी चुनावों की तैयारियों से भी जुड़ा कदम माना जा सकता है। खासकर 2027 के चुनावी चक्र को देखते हुए राज्यों में जिम्मेदारियों का बंटवारा महत्वपूर्ण है।
दूसरी ओर, कांग्रेस को लेकर यह धारणा बनाना कि संगठन में कोई पहल नहीं हो रही, पूरी तरह तथ्यात्मक नहीं होगा। कांग्रेस ने भी 2025-26 को संगठन का वर्ष घोषित करते हुए जिला और बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू की है। सितंबर 2026 तक 1,054 में से 900 से अधिक संगठनात्मक जिलों में यह प्रक्रिया पूरी होने का दावा पार्टी की ओर से किया गया है।
फर्क फिलहाल इतना है कि बीजेपी की हालिया जमावट सार्वजनिक रूप से तेज और व्यापक दिखाई दे रही है, जबकि कांग्रेस का पुनर्गठन अपेक्षाकृत चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। आने वाले चुनाव बताएंगे कि संगठनात्मक तैयारियां जमीनी राजनीति में किस तरह दिखाई देती हैं।
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