Mamata Banerjee : पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के सामने मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर एक के बाद एक घटनाक्रम सामने आए हैं। चुनाव आयोग के फैसले से लेकर टीएमसी उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने और ममता बनर्जी के समर्थन वाले कांग्रेस प्रत्याशी की गिरफ्तारी तक, सियासी हलचल तेज हो गई है।
Mamata Banerjee : चुनाव आयोग के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी को पहला बड़ा झटका चुनाव आयोग के फैसले से लगा। आयोग ने नंदीग्राम और रेजिनगर उपचुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस के नाम और उसके चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाई है। इसके स्थान पर उपचुनाव के लिए फुटबॉल चुनाव चिह्न आवंटित किए जाने की बात सामने आई है।
चुनाव आयोग के इस फैसले को तृणमूल कांग्रेस ने चुनौती दी है। ममता बनर्जी की पार्टी ने अपने नाम और चुनाव चिह्न को लेकर आयोग के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस कानूनी चुनौती के बीच उपचुनाव को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति और अधिक गरमा गई है।
Mamata Banerjee : नंदीग्राम में टीएमसी उम्मीदवार ने वापस लिया नामांकन
ममता बनर्जी के लिए दूसरा महत्वपूर्ण घटनाक्रम नंदीग्राम विधानसभा सीट से सामने आया। उपचुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। उनका यह फैसला उस समय सामने आया जब उन्होंने नबन्ना स्थित राज्य सचिवालय में नंदीग्राम से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री और नंदीग्राम से विधानसभा चुनाव जीत चुके सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी।
नामांकन वापस लिए जाने के बाद नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। टीएमसी के उम्मीदवार के चुनावी मैदान से हटने को पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
Mamata Banerjee : ममता ने कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने का किया ऐलान
संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की बात कही। इस घटनाक्रम ने उपचुनाव की सियासी तस्वीर को और दिलचस्प बना दिया।
हालांकि, ममता बनर्जी के समर्थन के ऐलान के कुछ ही समय बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी की खबर सामने आई। इससे नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए।
Mamata Banerjee : बीजेपी ने साधा निशाना, टीएमसी ने जताया विरोध
नंदीग्राम से टीएमसी उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने पर बीजेपी सांसद खगेन मुर्मू ने ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी को चुनावी स्थिति का अंदाजा हो गया था और इसी वजह से उम्मीदवार ने अपना नाम वापस लिया। बीजेपी नेता ने इसे ममता बनर्जी के लिए राजनीतिक रूप से नुकसान की स्थिति से जोड़कर देखा।
वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर टीएमसी नेता कुणाल घोष ने विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नंदीग्राम उपचुनाव में बीजेपी सरकार की ओर से कांग्रेस उम्मीदवार को गिरफ्तार किया गया है। कुणाल घोष ने ममता बनर्जी और टीएमसी की ओर से इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए मिलन प्रधान की तत्काल रिहाई की मांग की।
Mamata Banerjee : नंदीग्राम उपचुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
नंदीग्राम और रेजिनगर उपचुनाव से पहले सामने आए इन घटनाक्रमों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। एक ओर टीएमसी चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है, वहीं दूसरी ओर नंदीग्राम में पार्टी उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने और कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने के बाद राजनीतिक समीकरण पर चर्चा तेज हो गई है।
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद टीएमसी और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। अब उपचुनाव की आगे की प्रक्रिया और अदालत में चुनाव आयोग के फैसले को लेकर होने वाली सुनवाई पर राजनीतिक दलों और समर्थकों की नजर बनी हुई है।


