Bilaspur Illegal Current Death: बिलासपुर जिले के तखतपुर क्षेत्र के ग्राम पेंड्री में खेत की रखवाली करने गए एक मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेत के चारों ओर लगाई गई फेंसिंग में बिजली का करंट प्रवाहित किया गया था। इसी फेंसिंग की चपेट में आने से मजदूर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
Bilaspur Illegal Current Death: मृतक की पहचान गंगाराम के रूप में हुई है। वह किसान महेंद्र कौशिक के साथ खेत की रखवाली करने गया था। इसी दौरान पास के खेत में लगी फेंसिंग के संपर्क में आने से हादसा हुआ। गंगाराम को करंट लगने के बाद उसे बचाने पहुंचे साथी महेंद्र कौशिक को भी बिजली का तेज झटका लगा, हालांकि वह बाल-बाल बच गया।
Bilaspur Illegal Current Death: फेंसिंग में खंभे से सीधे खींचा गया था तार
Bilaspur Illegal Current Death: ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक जिस खेत में हादसा हुआ, उसके पास वाले खेत की फेंसिंग में सीधे बिजली के खंभे से तार खींचकर करंट प्रवाहित किया गया था। गंगाराम को इस बात की जानकारी नहीं थी और वह अनजाने में फेंसिंग के संपर्क में आ गया।
Bilaspur Illegal Current Death: करंट की चपेट में आने के बाद गंगाराम की मौके पर ही मौत हो गई। उसके साथ मौजूद महेंद्र कौशिक ने उसे आवाज लगाते हुए मौके पर पहुंचने की कोशिश की तो उसे भी बिजली का झटका लगा। इसके बाद गांव के लोगों और पुलिस को घटना की जानकारी दी गई।
Bilaspur Illegal Current Death: फसल बचाने के लिए लगाया गया करंट बना जानलेवा
Bilaspur Illegal Current Death: खेतों में फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए कई जगह फेंसिंग की जाती है। आरोप है कि कुछ लोग इस फेंसिंग में बिजली का सीधा कनेक्शन कर देते हैं। इससे खेत में प्रवेश करने वाले जानवरों के साथ-साथ इंसानों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा हो जाता है।
Bilaspur Illegal Current Death: पेंड्री में हुआ हादसा भी इसी तरह की घटना से जुड़ा बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे अवैध बिजली कनेक्शन से पहले भी हादसे होते रहे हैं, लेकिन इन पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
Bilaspur Illegal Current Death: पुलिस पर भी ग्रामीणों ने उठाए सवाल
Bilaspur Illegal Current Death: घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस रात में मौके पर पहुंची थी। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने रात में शव को वहां से नहीं हटवाया और न ही बिजली विभाग को सूचना देकर विद्युत आपूर्ति बंद कराने की कार्रवाई कराई।
Bilaspur Illegal Current Death: ग्रामीणों के मुताबिक शव रातभर घटनास्थल पर ही पड़ा रहा और परिजन उसकी रखवाली करते रहे। सुबह पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बताई जा रही है।
Bilaspur Illegal Current Death: फेंसिंग में करंट लगाने वाले से पूछताछ
Bilaspur Illegal Current Death: पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। खेत की फेंसिंग में करंट लगाए जाने के संबंध में दिलहरन सूर्यवंशी से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस हादसे के कारणों और बिजली कनेक्शन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
Bilaspur Illegal Current Death: हादसे के प्रत्यक्षदर्शी किसान महेंद्र कौशिक और मृतक के छोटे भाई राधे कोल ने घटना को लेकर अपनी बात रखी है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि फेंसिंग में बिजली का कनेक्शन किस तरह लगाया गया था और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
Bilaspur Illegal Current Death: बिजली विभाग की निगरानी पर ग्रामीणों के सवाल
Bilaspur Illegal Current Death: ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि खेतों में अवैध तरीके से बिजली प्रवाहित करने की घटनाओं पर निगरानी और कार्रवाई बढ़ाई जानी चाहिए, क्योंकि इससे इंसानों के साथ-साथ पशुओं की जान को भी खतरा रहता है।
Bilaspur Illegal Current Death: ग्रामीणों का आरोप है कि गंगाराम की मौत की जानकारी मिलने के बाद भी अगले दिन दोपहर तक बिजली विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका सवाल है कि ऐसे अवैध कनेक्शन पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर भविष्य में और हादसों को कैसे रोका जाएगा।
Bilaspur Illegal Current Death: इंसानों और जानवरों की सुरक्षा का सवाल
Bilaspur Illegal Current Death: खेतों की फेंसिंग में अवैध रूप से करंट प्रवाहित करना जानलेवा साबित हो सकता है। पेंड्री की घटना ने एक बार फिर खेतों में इस तरह के बिजली कनेक्शन की निगरानी और कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
Bilaspur Illegal Current Death: फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीण अवैध करंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की मांग कर रहे हैं।


